कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला अस्पताल परिसर में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पोस्टमार्टम हाउस के पास चल रहे निर्माण कार्य के दौरान करीब 5 फीट लंबा भारतीय काला नाग (कोबरा) निकल आया। सांप को देखते ही निर्माण स्थल पर काम कर रहे कर्मचारियों में डर फैल गया और वे काम छोड़कर सुरक्षित दूरी पर चले गए।
गड्ढे के पानी में जाकर बैठ गया कोबरा
जानकारी के मुताबिक, निर्माण कार्य के दौरान अचानक एक कोबरा दिखाई दिया। लोगों को देखकर सांप पास में बने एक गड्ढे के पानी के अंदर जाकर बैठ गया। पानी में छिपे होने के कारण उसे देखना और बाहर निकालना काफी मुश्किल था।
कर्मचारियों ने तत्काल इसकी जानकारी सुपरवाइजर देव यादव को दी। इसके बाद उन्होंने वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम प्रमुख एवं वन विभाग सदस्य जितेंद्र सारथी से संपर्क किया।
आधे घंटे की मशक्कत के बाद हुआ रेस्क्यू
सूचना मिलते ही जितेंद्र सारथी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पानी के अंदर बैठे कोबरा को निकालने के दौरान विशेष सावधानी बरती गई, ताकि सांप और आसपास मौजूद लोगों को कोई नुकसान न हो।
करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम ने करीब 5 फीट लंबे कोबरा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया और उसे थैले में रखा।
घने जंगल में छोड़ा गया नाग
कोबरा के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद कर्मचारियों और मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। बाद में सांप को उसके प्राकृतिक रहवास यानी घने जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
रेस्क्यू टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी ने लोगों से अपील की कि सांप दिखाई देने पर उसे मारने या खुद पकड़ने की कोशिश न करें। सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तत्काल वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें।
उन्होंने कहा कि सांप पर्यावरण और प्रकृति के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सही समय पर सूचना देने और सावधानी बरतने से इंसान और वन्यजीव दोनों की जान बचाई जा सकती है।









