Wednesday, April 22, 2026

NDPS विवेचना को मजबूत बनाने बिलासपुर रेंज में ऑनलाइन कार्यशाला, 100 से अधिक पुलिसकर्मी हुए प्रशिक्षित

बिलासपुर। एनडीपीएस प्रकरणों की विवेचना को अधिक प्रभावी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से 21 अप्रैल 2026 को बिलासपुर रेंज स्तर पर एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज राम गोपाल गर्ग के मार्गदर्शन में पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय के मीटिंग हॉल से किया गया।

कार्यक्रम में सारंगढ़ पुलिस अधीक्षक आंजनेय वार्ष्णेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिलासपुर (शहर) पंकज पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइन निमितेश सिंह तथा उप पुलिस अधीक्षक विवेक शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। रेंज के सभी जिलों से लगभग 100 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों ने ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की।

विवेचना में तकनीकी त्रुटियों पर जोर
कार्यशाला की शुरुआत करते हुए आईजी राम गोपाल गर्ग ने कहा कि एनडीपीएस प्रकरणों की विवेचना में प्रक्रियात्मक त्रुटियों के कारण कई बार आरोपी को लाभ मिल जाता है और वे दोषमुक्त हो जाते हैं। उन्होंने अधिकारियों को आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप विवेचना के स्तर को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

विशेषज्ञ ने दी विस्तृत जानकारी
सेवानिवृत्त संयुक्त संचालक अभियोजन (बिलासपुर संभाग) माखनलाल पाण्डेय ने एनडीपीएस एक्ट के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तलाशी और जप्ती के दौरान धारा 42, 50 और 57 का सख्ती से पालन आवश्यक है। साथ ही, धारा 52 के तहत जब्त मादक पदार्थों का मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रमाणीकरण और वीडियोग्राफी सुनिश्चित करना जरूरी है।

उन्होंने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस नियम 2022 के तहत सैंपलिंग प्रक्रिया, दस्तावेजीकरण, स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति और समय की सटीकता जैसे बिंदुओं पर भी विशेष जोर दिया।

स्रोत से गंतव्य तक जांच जरूरी
कार्यशाला में यह भी बताया गया कि विवेचक केवल जप्ती तक सीमित न रहें, बल्कि मादक पदार्थों के स्रोत और गंतव्य तक की पूरी कड़ी को जोड़कर ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में कार्य करें।

प्रश्नोत्तर सत्र में समस्याओं का समाधान
प्रशिक्षण के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों ने विवेचना के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं को रखा। विशेषज्ञ द्वारा इन समस्याओं का समाधान भी बताया गया।

स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित
कार्यशाला के सफल आयोजन पर आईजी राम गोपाल गर्ग ने प्रशिक्षक माखनलाल पाण्डेय को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का समापन उप पुलिस अधीक्षक विवेक शर्मा द्वारा किया गया।

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य एनडीपीएस मामलों में विवेचना की गुणवत्ता बढ़ाना और तकनीकी त्रुटियों को दूर कर आरोपियों को दोषमुक्त होने से रोकना है।