छत्तीसगढ़ के Narayanpur जिले में एक अनोखी बारात इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। ईंधन बचत, सादगी और भारतीय परंपरा को अपनाने की प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपील का असर अब अबूझमाड़ के प्रवेश द्वार डूमरतराई गांव में देखने को मिला है।
डूमरतराई गांव निवासी और एसपी गनमैन कुबेर देहरी ने अपनी बारात मोटरगाड़ियों के बजाय बैलगाड़ी से निकालकर समाज को खास संदेश दिया। डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और आधुनिक दिखावे के दौर में यह अनूठी पहल लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गई।
बारात में पारंपरिक अंदाज में सजी बैलगाड़ियों को देखने ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे गांव में इस अनोखी शादी की चर्चा होती रही। कुबेर देहरी ने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा ही हमारी असली पहचान है और नई पीढ़ी को इसे सहेजकर रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को गंभीरता से अपनाने की जरूरत है।
इस पहल की Kedar Kashyap ने भी सोशल मीडिया पर सराहना की। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति, सादगी और सामाजिक संदेश का प्रेरणादायक उदाहरण बताया।
बैलगाड़ी में निकली यह बारात अब पूरे इलाके में मिसाल बन चुकी है और लोग इसे परंपरा व पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर देख रहे हैं।









