याचिका में यह तर्क दिया गया कि प्रेरणा सिंह छह माह की गर्भवती हैं और उनकी डिलीवरी की अनुमानित तारीख 18 दिसंबर है। इसके साथ ही, उनकी 4 वर्षीय पुत्री आद्विता सिंह की देखभाल की भी जिम्मेदारी उन पर है, जबकि उनके पति रायपुर में सहायक इंजीनियर के पद पर पदस्थ हैं। याचिकाकर्ता ने कोर्ट के समक्ष यह भी कहा कि गर्भावस्था की स्थिति में रायपुर से महासमुंद जाकर सेवाएं देना उनके और गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है।
याचिका में यह तर्क दिया गया कि प्रेरणा सिंह छह माह की गर्भवती हैं और उनकी डिलीवरी की अनुमानित तारीख 18 दिसंबर है। इसके साथ ही, उनकी 4 वर्षीय पुत्री आद्विता सिंह की देखभाल की भी जिम्मेदारी उन पर है, जबकि उनके पति रायपुर में सहायक इंजीनियर के पद पर पदस्थ हैं।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट के समक्ष यह भी कहा कि गर्भावस्था की स्थिति में रायपुर से महासमुंद जाकर सेवाएं देना उनके और गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। हाईकोर्ट ने महिला अधिकारी की शारीरिक स्थिति और पारिवारिक जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए उनके तबादले पर रोक लगाई और उन्हें रायपुर में ही कार्यरत रखने का निर्देश दिया।








