
लखनऊ के PUBG हत्याकांड में मां साधना को गोली मारने के लिए 16 साल के बेटे ने पिस्टल का ट्रिगर तो दबाया, लेकिन दबाने का इशारा कोई और कर रहा था। इसी तीसरे किरदार को बचाने के लिए पुलिस ने घरवालों के सामने PUBG की शर्त रख दी। परिवार के एक जिम्मेदार व्यक्ति ने बातचीत की। उन्होंने इशारे में कहा कि उस वक्त पुलिस की बात मानने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि या तो मर्डर का मोटिव बताओ या जो बताया जा रहा है उससे सहमति जताओ। इसके बाद पुलिस ने PUBG की एक मनगढंत कहानी पेश कर दी। अब सवाल उठता है कि अगर परिवार PUBG को मोटिव नहीं मान रहा है, तो उनका संदेह किसी शख्स पर जरूर है। बावजूद इसके पुलिस को कोई नाम नहीं सौंपा गया है। आखिर वो तीसरा शख्स कौन है, जिसे पुलिस और परिवार दोनों बचाना चाहते हैं।
संदेह है कि इस हत्याकांड में शामिल वो तीसरा किरदार घटना के वक्त घर में मौजूद रहकर आरोपी बेटे को कमांड दे रहा था या बाहर से मौजूद रहकर पूरे मर्डर को ऑपरेट करवा रहा था। ये अभी भी जांच का पार्ट है, लेकिन परिवार के लोग पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं हैं।
सदस्य ने बताया कि मर्डर केस में पुलिस ने परिवार के सामने 2 विकल्प रखे थे। पहला, दो लोग जेल जाएंगे। वो परिवार के भी हो सकते हैं। दूसरा, गोली बेटे के हाथ से चली है, लेकिन वो नाबालिग है। इसलिए सजा कम होगी।
परिवार के वो शख्स कहते हैं कि उस वक्त हमें दूसरा विकल्प ही ठीक लगा। इसलिए उन्होंने हामी भर दी। हालांकि, अब परिजनों को लग रहा है कि पुलिस की बात मानकर गलती कर दी। उनका कहना कि तेरहवीं के बाद वो नए सिरे से पुलिस से बातचीत करेंगे।








