गेवरा.कोरबा। छत्तीसगढ़ किसान सभा और भू विस्थापित रोजगार एकता संघ ने बरसों पुराने भूमि अधिग्रहण के बदले लंबित रोजगार प्रकरण, मुआवजा, पूर्व में अधिग्रहित जमीन की वापसी, प्रभावित गांवों के बेरोजगारों को खदान में काम देने,शासकीय भूमि पे कबीजों को रोजगार-बसावट एवं मुआवजा, महिलाओं को स्वरोजगार, पुनर्वास गांव में बसे भू विस्थापितों को काबिज भूमि का पट्टा देने आदि 11मांगो को लेकर चालीस से अधिक गांवों के हजारों लोगों के साथ आज एसईसीएल के गेवरा मुख्यालय पर डेरा डाल दिया है।
आंदोलनकारियों द्वारा दोनों गेटों को जाम कर देने से आज दिन भर से अधिकारी-कर्मचारी ऑफिस में ही फंसे हुए हैं और पहले और दूसरे दौर की वार्ता विफल हो जाने के बाद आंदोलनकारियों द्वारा घेराव जारी रखने की घोषणा से रात में भी उनके निकलने की कोई संभावना नहीं है। घेराव कर रहे लोगों में महिलाओं की संख्या बहुत ज्यादा है। एसईसीएल के आश्वासन से थके भूविस्थापितों ने अब आर-पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है।











