हैदराबाद। अगर आप सोचते हैं कि अग्निपरीक्षा बीते युग की बात है तो भूल जाइए. आज स्त्री को नहीं बल्कि पुरुष को अपनी वफादारी साबित करने के लिए अग्निपरीक्षा देनी पड़ रही है. अग्निपरीक्षा भी कैसी, आग से तपे लोहे की कुदाल को उठाना. पुरुष आग में तपे कुदाल को उठाने में कामयाब भी रहा, इसके बाद भी उसे अर्थदंड भुगतना पड़ा.
जानकारी के अनुसार, घटना तीन दिन पहले तेलंगाना प्रांत के मुलुगु जिले की है, जहां बंजारुपल्ली, मुलुगु मंडल के रहवासी जगन्नाथम गंगाधर पर उसी के गांव के अन्य व्यक्ति ने अपनी पत्नी ने विवाहेतर संबंध का आरोप लगाते हुए अपनी जाति के बुजुर्गों से संपर्क किया. बड़े-बुजुर्गों ने इस आरोप पर गंगाधर की सफाई को दरकिनार करते हुए ऐसी सजा दी, जो आने वाले समय में भी याद की जाएगी. बुजुर्गों ने दोनों पक्षों से 11-11 लाख रुपए नकद जमा करा लिए.तीन माह से कई बार पंचायत बैठने के बाद भी फैसला नहीं होने पर बड़े-बुजुर्गों ने 25 फरवरी को फैसला लिया कि गंगाधर को अपने हाथों से जलती कुदाल पकड़कर अपनी वफादारी साबित करनी होगी. इसके लिए बाकायदा लकड़ियों का ढेर लगाकर उसमें लोहे की कुदाल को डाल दिया.










