रायपुर, 24 जुलाई 2026। करीब 20,000 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता को लेकर विवाद शुरू हो गया है। उद्घाटन से पहले ही एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों में दरारें दिखाई देने के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर साझा की तस्वीरें
छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर सड़क की कथित तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि यह विकास का ऐसा नमूना है, जो शायद पहली बार देखने को मिला है।
कांग्रेस ने अपने पोस्ट में तंज कसते हुए कहा,
“फीता कटने से पहले सड़क फट गई… गजब विकास!”
पार्टी ने आरोप लगाया कि NHAI द्वारा निर्मित रायपुर-विशाखापट्टनम राष्ट्रीय राजमार्ग उद्घाटन से पहले ही गुणवत्ता संबंधी सवालों के घेरे में आ गया है।
464 किलोमीटर लंबा सिक्स लेन एक्सप्रेसवे
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा रायपुर से विशाखापट्टनम तक 464 किलोमीटर लंबे छह-लेन एक्सप्रेसवे का निर्माण कराया जा रहा है। यह परियोजना भारतमाला परियोजना के तहत विकसित की जा रही है और इसकी अनुमानित लागत करीब 20 हजार करोड़ रुपये है।
परियोजना का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और जल्द ही इसके उद्घाटन की तैयारी चल रही है।
इन शहरों को मिलेगा सीधा लाभ
यह एक्सप्रेसवे रायपुर, धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, कोरापुट और सब्बावरम जैसे प्रमुख शहरों को विशाखापट्टनम बंदरगाह से जोड़ेगा। इसके शुरू होने से छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के बीच माल परिवहन तेज होगा तथा व्यापार, उद्योग और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।











