Saturday, April 4, 2026

छत्तीसगढ़ को रेलवे बजट में बड़ी सौगात, 2026-27 के लिए ₹7,470 करोड़ का अनुदान

छत्तीसगढ़ को रेलवे का बड़ा तोहफा: 2026-27 में ₹7,470 करोड़ का बजट अनुदानरायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना के विस्तार और आधुनिकीकरण को नई रफ्तार देने के लिए भारतीय रेल ने वर्ष 2026-27 के लिए राज्य को ₹7,470 करोड़ का बजट अनुदान दिया है। इस बजट से राज्य में रेल संपर्क मजबूत करने, यात्री सुविधाओं में सुधार, माल परिवहन क्षमता बढ़ाने और सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करने से जुड़े कई अहम कार्य किए जा रहे हैं। यह निवेश परिवहन व्यवस्था के साथ-साथ औद्योगिक, सामाजिक और आर्थिक विकास को भी मजबूती देगा।

वर्तमान में छत्तीसगढ़ में कुल ₹51,080 करोड़ की लागत से रेल परियोजनाएं विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। इनमें नई रेल लाइनों का निर्माण, दोहरीकरण और चौथी लाइन का विकास, रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास, संरक्षा कार्यों का विस्तार और आधुनिक तकनीक आधारित अवसंरचना शामिल है। इन परियोजनाओं से राज्य की कनेक्टिविटी में लगातार सुधार हो रहा है।

प्रमुख परियोजनाओं में बिलासपुर–झारसुगुड़ा चौथी लाइन सबसे अहम है। 206 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की लागत ₹2,135.34 करोड़ है, जिसमें से 175 किलोमीटर से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। यह रेलखंड देश के सबसे व्यस्त माल परिवहन मार्गों में शामिल है, जहां चौथी लाइन से ट्रेनों की परिचालन क्षमता बढ़ी है और कोयला व खनिज परिवहन को गति मिली है।

इसी तरह बिलासपुर–नागपुर रेल खंड पर बिलासपुर से गोंदिया के बीच चौथी लाइन का निर्माण तेजी से जारी है, जिससे मध्य और दक्षिण भारत के बीच रेल संपर्क और मजबूत होगा। वहीं दल्लीराझरा–रावघाट नई रेल लाइन (95 किमी, लागत ₹16,275.56 करोड़) में 77.35 किलोमीटर कार्य पूरा हो चुका है। यह परियोजना दुर्गम और आदिवासी क्षेत्रों को मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

खरसिया–नया रायपुर–परमालकसा नई रेल लाइन (278 किमी, लागत ₹7,854 करोड़) राजधानी नया रायपुर को बेहतर रेल कनेक्टिविटी देने के साथ औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी। इसके अलावा सरदेगा–भालूमाड़ा और रावघाट–जगदलपुर नई रेल लाइन परियोजनाएं क्षेत्रीय संपर्क और खनिज परिवहन के साथ-साथ बस्तर अंचल के सामाजिक-आर्थिक विकास में सहायक होंगी।

यात्री सुविधाओं के उन्नयन के लिए अमृत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकास किया जा रहा है। राज्य में वर्तमान में वंदे भारत एक्सप्रेस की दो जोड़ी सेवाएं और अमृत भारत एक्सप्रेस की एक जोड़ी सेवा संचालित हो रही है, जिससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिल रहा है।

पिछले 10–11 वर्षों में राज्य में नई रेल पटरियों का निर्माण, संपूर्ण रेल विद्युतीकरण और 170 से अधिक रेलवे फ्लाईओवर व अंडरपास बनाए गए हैं। फिलहाल छत्तीसगढ़ में कुल 1,083 रेलवे कार्य स्वीकृत हैं, जिनमें से 845 कार्य प्रगति पर हैं। भारतीय रेल के ये प्रयास छत्तीसगढ़ को आधुनिक, सुरक्षित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप रेल नेटवर्क देने की दिशा में अहम साबित हो रहे हैं।