Saturday, March 14, 2026

​नौकरी के नाम पर ₹70,000 की ठगी और जातिगत प्रताड़ना, SECL क्षेत्र की निजी कंपनी के अधिकारियों पर FIR दर्ज

​हरदीबाजार//कोरबा:- जिला कोरबा के हरदीबाजार थाना क्षेत्र में एक गंभीर मामला सामने आया है जहाँ नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे ऐंठने और बाद में मांगने पर मारपीट व जातिगत अपमान करने के आरोप में पुलिस ने FIR दर्ज की है ।

​क्या है पूरा मामला?

​शिकायतकर्ता मुकेश कुमार चैतन्य और दीपक सिंह कंवर निवासी हरदीबाजार के अनुसार वे SECL गेवरा परियोजना के तहत कार्यरत के.सी.सी. कंपनी में वैकल्पिक रोजगार की तलाश में थे मुकेश कुमार का आरोप है कि चपरासी रामप्रताप पटेल ने उन्हें ड्राइवर की नौकरी दिलाने के नाम पर ₹70,000 लिए थे ।

​जब एक माह बाद भी नौकरी नहीं मिली और मुकेश ट्रायल में फेल हो गए तो 25 फरवरी 2026 को वे अपने साथी के साथ पैसे वापस मांगने कंपनी के ऑफिस पहुंचे आरोप है कि वहाँ मौजूद विकास दुबे (मैनेजर) रामप्रताप पटेल (चपरासी) और रवि सिंह ने पैसे लौटाने के बजाय उनके साथ गाली-गलौज की जातिगत अपमान चमार आदिवासी कहकर संबोधित करना किया और उनके साथ बेरहमी से मारपीट कर उन्हें कार्यालय से बाहर निकाल दिया ।

​पुलिसिया कार्यवाही और धाराएं

​पीड़ितों ने बताया कि शुरुआत में स्थानीय थाने में शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं हुई थी जिसके बाद मामला उच्च अधिकारियों तक पहुँचा वर्तमान में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 और SC/ST (नृशंसता निवारण) अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है:-

०१. ​BNS धारा 296:- अश्लील कृत्य और गाली-गलौज ।
०२. ​BNS धारा 115(2):- स्वेच्छा से चोट पहुँचाना ।
०३. ​BNS धारा 318(2):- धोखाधड़ी पैसे लेकर नौकरी न देना ।
०४. ​BNS धारा 3(5):- सामान्य मंशा (समूह द्वारा अपराध) ।
०५. ​SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(ध):- जातिगत अपमान और प्रताड़ना ।

​पीड़ितों की मांग

​शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे गरीब और अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग से आते हैं स्थानीय विस्थापित होने के नाते उन्हें रोजगार मिलना चाहिए था लेकिन स्थानीय रसूखदारों द्वारा उनके साथ अन्याय और अत्याचार किया गया है पीड़ितों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी हो और उन्हें न्याय दिलाया जाए ।

दुबे के ऊपर पूर्व में 26 शिकायते कंप्लेंट दर्ज, न्याय के लिए भटक रहे ग्रामीण

उल्लेखित है कि एसईसीएल (SECL) क्षेत्र के भू-विस्थापित और प्रभावित ग्रामीणों ने पीएनसी (PNC) कंपनी के मैनेजर विकास दुबे के खिलाफ पूर्व में 26 शिकायते कंप्लेंट मामले दर्ज है पीड़ित ग्रामीणों का आरोप है कि मैनेजर के विरुद्ध थाने से लेकर एसपी कार्यालय तक पूर्व में 26 से अधिक शिकायतें दर्ज होने के बावजूद आज तक कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है विकास दुबे के खिलाफ थाने और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लगभग 26 शिकायतें लंबित हैं ग्रामीण अपनी निजी संपत्तियों परिसंपत्तियों के मुआवजे और रोजगार जैसे बुनियादी हक के लिए एसईसीएल प्रबंधन से लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी प्रबंधन के शह पर उन्हें परेशान किया जा रहा है जिससे उनका रोजमर्रा का जीवन दूभर हो गया है थाने व एसपी कार्यालय में दर्ज सभी पुरानी शिकायतों को फिर से खंगाला जाए और दोषी मैनेजर के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए ।