
कोरबा।क्या ऐसा संभब है कि विज्ञान के युग मे किसी बीमारी को अवैज्ञानिक तरीके से ठीक किया जा सके। इसका जवाब होगा नहीं। फिर भी पत्नी की बीमारी ठीक नहीं होने और रूठ कर उसके दूर चले जाने से नाराज पति ने इस उम्मीद में अपने हाथ की दो उंगलियां काट कर ईश्वर को समर्पित कर दी कि सब कुछ ठीक हो जाए । यह व्यक्ति जिला अस्पताल में उपचार करा रहा है
कोरबा के सरकारी जिला अस्पताल के मेल वार्ड में एडमिट यह व्यक्ति है लक्ष्मी नारायण राजवाड़े राजगामार इलाके मैं रहने वाले राजवाड़े का विवाह 8 वर्ष पहले गायत्री से हुआ था। दो बच्चों को जन्म देने के बाद कुछ समय से पत्नी को पथरी की समस्या थी। समस्या हल नहीं होने पर परिवार में खटपट के चलते पत्नी अपने मायके बांदापारा चली गई। पति ने उसे मनाने के लिए कई प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी।
एक धर्म स्थान में काम करने वाले राजवाड़े के मन में आया कि कई लोगों की इच्छापूर्ति यूं ही पूरी हो जाती हैं, तो क्यों ना उसे भी ऐसा करना चाहिए। इसी चक्कर में उसने अपने एक हाथ की दो उंगलियां काट दी और धर्म स्थान मैं समर्पित कर दी। लोगों को जानकारी हुई तो उन्होंने आनन-फानन में राजवाड़े को जिला अस्पताल भिजवाया।
शल्यचिकित्सा के जरिए पीड़ित को ठीक करने की कोशिश की जा रही है। अनेक मामलों में चिकित्सा विज्ञान के द्वारा इस तरह के कार्य किए गए हैं। देखना होगा कि राजवाड़े के इस कदम के बाद गायत्री की घर वापसी होती है या नहीं










