
बेंगलुरु में चल जनसंख्या पर छिड़ी बहस के बीच संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी बड़ा बयान दिया है। भागवत ने कहा कि जनसंख्या बढ़ाने और खाने का काम तो जानवर भी करते हैं। ये जंगल में सबसे ताकतवर रहने के लिए जरूरी है। ताकतवर ही जिंदा रहेगा, ये जंगल का कानून है। इंसानों में ऐसा नहीं है। इंसानों में जब ताकतवर दूसरे की रक्षा करता है तो ये ही इंसानियत की निशानी है। भागवत कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर की श्री सत्य साईं यूनिवर्सिटी फॉर ह्यूमन एक्सीलेंस के पहले दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे।
भागवत बोले- भारत ने इतिहास से सबक लेकर विकास किया
संघ प्रमुख ने देश के विकास पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश हाल ही में काफी तरक्की कर चुका है। देशवासियों ने विकास देखा है। हमने इतिहास से सबक लेकर भविष्य की ओर देखते हुए विकास किया है। कोई 10-12 साल पहले ऐसा कहता तो इसे गंभीरता से नहीं लिया जाता। जो विकास आज दिखाई दे रहा है, उसकी नींव 1857 में रखी गई थी। हालांकि इन सबके बीच विज्ञान और बाहरी दुनिया में संतुलन का अभाव साफ दिखाई देता है।रहे स्टेट लेवल किक बॉक्सिंग टूर्नामेंट के दौरान एक खिलाड़ी की मौत हो गई। 9-10 जुलाई को हुए इस टूर्नामेंट में किक बॉक्सर निखिल सुरेश को चोटें आई थीं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां गुरुवार को उनकी मौत हो गई।
निखिल (23) के पिता और कोच ने टूर्नामेंट आयोजकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। कहा कि टूर्नामेंट में एंबुलेंस और एक्सपर्ट मेडिकल फैसिलिटी नहीं थी, जो कि मार्शल आर्ट टूर्नामेंट के लिए बेहद जरूरी हैं। समय पर इलाज मिलता तो निखिल की जान बच सकती थी।
इस घटना के बाद टूर्नामेंट के आयोजक फरार हैं। नेशनल किक बॉक्सिंग एसोसिएशन ने कहा कि टूर्नामेंट के आयोजकों का हमसे कोई संबंध नहीं है।
निखिल भारतीय कॉम्बैट स्पोर्ट्स का जाना पहचाना नाम था। हाल ही में उसने छठवीं बेंगलुरू ओपन एमएमए चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। उसने नीमच में आयोजित 5वें एमएमए इंडिया नेशनल में भी हिस्सा लिया था।
कोच ने सोशल मीडिया में इमोशनल पोस्ट की
निखिल के कोच नागराज ने सोशल मीडिया पर पोस्ट की है। उन्होंने लिखा- मैं उस खबर को बताने जा रहा हूं, जिसका हमें डर था। मेरा बच्चा निखिल आज खत्म हो गया है। उसने अपने ग्लव्स टांग दिए हैं। उस की सुंदर आत्मा बेहतर मेडिकल ट्रीटमेंट के बीच हर घंटे के संघर्ष के बाद हमें छोड़कर चली गई। वह हमारी यादों में जिंदा रहेगा। मैं अपनी इस छति को शब्दो में बयां नहीं कर पा रहा हूं। आज मैंने अपना एक बेटा खो दिया है। हमें ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि ईश्वर हमें यह दुख सहने की क्षमता दें। मैं अपनी ओर से गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।
निखिल के पिता कराटे मास्टर हैं। निखिल के पिता ने शिकायत दर्ज कराई है। निखिल ने मैसूर के विक्रम में किक बॉक्सिंग की ट्रेनिंग ली थी।











