Tuesday, April 21, 2026

रायपुर: CSMCL ओवरटाइम घोटाला मामले में ACB-EOW की बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार

रायपुर | छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले के बाद अब छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में करोड़ों रुपये के ‘ओवरटाइम भुगतान घोटाले’ ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB-EOW) ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

प्रमुख गिरफ्तारियां और अदालती कार्यवाही

ACB-EOW की टीम ने रविवार, 19 अप्रैल 2026 को मैनपावर एजेंसी ईगल हंटर सॉल्यूशन लिमिटेड के दो महत्वपूर्ण कर्मचारियों को हिरासत में लिया:

  1. अभिषेक कुमार सिंह (फील्ड ऑफिसर)

  2. तिजऊ राम निर्मलकर (अकाउंटेंट)

दोनों आरोपियों को 20 अप्रैल को विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 27 अप्रैल 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। जांच एजेंसी का मानना है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में सिंडिकेट से जुड़े कई और रसूखदारों के नाम सामने आ सकते हैं।

क्या है पूरा मामला?

जांच में यह बात सामने आई है कि वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच मैनपावर एजेंसियों को ओवरटाइम के नाम पर लगभग 115 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था।

  • नियम के विरुद्ध खेल: कायदे से यह राशि शराब दुकानों में तैनात कर्मचारियों को उनके अतिरिक्त कार्य के बदले मिलनी थी।

  • जांच का खुलासा: जांच में पाया गया कि यह करोड़ों की राशि कभी कर्मचारियों तक पहुंची ही नहीं। इसके बजाय, एजेंसियों के माध्यम से इसे ‘अवैध कमीशन’ के रूप में निकाला गया।

  • रकम का बंदरबांट: यह पैसा कथित तौर पर CSMCL के अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के बीच बांटा जाता था। जांच एजेंसी का दावा है कि इस काली कमाई का अंतिम हिस्सा अनवर ढेबर तक पहुंचाया जाता था।

ED की रेड से खुला राज

इस घोटाले की जड़ें 29 नवंबर 2023 को हुई प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई से जुड़ी हैं। उस दौरान ED ने रायपुर में तीन व्यक्तियों से 28.80 लाख रुपये नकद जब्त किए थे।