Wednesday, July 1, 2026

संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों और सैकड़ों सदस्यों ने महाप्रबंधक को सौंपा आंदोलन की चेतावनी का ज्ञापन।


कोरबा: एस ई सी एल, कोरबा क्षेत्र में आज कोल कर्मचारियों के नए वेतन समझौते में हो रही अत्यधिक देरी के विरोध में श्रमिकों का गुस्सा फूट पड़ा। संयुक्त 4 संगठनों (एटक, एच एम एस, इंटक, सीटू) के राष्ट्रीय आह्वान पर आज कोरबा क्षेत्र में ‘मांग दिवस’ का आयोजन किया गया।
तय कार्यक्रम के अनुसार, आज सुबह ठीक 10:00 बजे से ही श्रम संगठन कुसमुंडा क्षेत्र के सभी विंग के शीर्ष पदाधिकारी, सक्रिय कार्यकर्ता और सैकड़ों की संख्या में श्रमिक भाई कोरबा महाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य गेट पर एकत्रित होने शुरू हो गए थे। कुछ ही समय में पूरा प्रशासनिक भवन परिसर गगनभेदी नारों और श्रमिक एकजुटता के नारों से गूंज उठा।
वेतन समझौते (JBCCI-12) की टालमटोल नीति पर जताया आक्रोश
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए संगठन के क्षेत्रीय नेतृत्व ने प्रबंधन की हठधर्मिता और टालमटोल की नीति पर कड़ा प्रहार किया। वक्ताओं ने कहा, “कोल इंडिया के कर्मचारी दिन-रात जान जोखिम में डालकर देश को ऊर्जा सुरक्षा दे रहे हैं और रिकॉर्ड कोयला उत्पादन कर रहे हैं। इसके बावजूद उनके जायज हक, यानी 12वें राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते के गठन और वार्ता प्रक्रिया को प्रबंधन द्वारा जानबूझकर लटकाया जा रहा है। कर्मचारियों के सब्र का बांध अब टूट चुका है।”
विशाल मोर्चा और महाप्रबंधक को ज्ञापन
गेट पर जोरदार नारेबाजी और धरना-प्रदर्शन के बाद संयुक्त मोर्चे के बैनर तले एक विशाल आक्रोश मोर्चा निकाला गया। यह मोर्चा प्रशासनिक भवन की परिक्रमा करते हुए महाप्रबंधक कक्ष के समक्ष पहुंचा, जहां संयुक्त संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय महाप्रबंधक को कोल इंडिया चेयरमैन के नाम एक तीखा मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा।

सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है कि यदि प्रबंधन ने वेतन समझौते की प्रक्रिया में तेजी नहीं लाई और श्रमिक विरोधी रवैया नहीं बदला, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कोल इंडिया प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की होगी।

इस प्रदर्शन में इंटक कोयला मजदूर सभा (HMS) एटक एवं सीटू से सहित सैकड़ों सदस्य उपस्थित रहे।

इन प्रमुख पदाधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
आज के इस ‘मांग दिवस’ आंदोलन को सफल बनाने में कोरबा क्षेत्र केएच एम एस महामंत्री सुरेन्द्र मिश्रा, मानिकपुर अध्यक्ष के एम एस सुगना बर्मन, महान कुंवर,, रामनारायण, भगवान् राम,, संगीता, नीतू, पवन,, महेन्द्र, गंगा बाई, संजय मण्डल, तीजराम, उदय, अंसारी एवं अन्य क्षेत्रीय सचिव, क्षेत्रीय अध्यक्ष, विभिन्न कोयला खदानों/शाखाओं के सचिव, कार्यकारिणी सदस्य, एवं कार्यकर्ताओं समेत सैकड़ों जुझारू कोयला कामगारों ने अपनी एकजुटता दिखाकर अपनी ताकत का अहसास कराया। प्रबंधन को ज्ञापन सौंपने के पश्चात संयुक्त मोर्चे ने शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन के पहले चरण के समापन की घोषणा की ।