Saturday, May 23, 2026

सरकारी रिकॉर्ड में ‘मृत’ घोषित हुई महिला, खुद को जिंदा साबित करने काट रही दफ्तरों के चक्कर

कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के चारामा नगर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित होने के बाद खुद को जीवित साबित करने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है।

चारामा निवासी हलीमा बानो ने बताया कि वर्ष 2022 में सड़क दुर्घटना में उनके पति कादर खान की मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद वह मजदूरी कर अपनी तीन बेटियों का पालन-पोषण कर रही हैं।

महिला के अनुसार हाल ही में राशन कार्ड और महतारी वंदन योजना के लिए KYC कराने के दौरान उन्हें पता चला कि उनका आधार कार्ड निष्क्रिय हो चुका है और सरकारी दस्तावेजों में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है।

इस गलती के कारण महिला को मिलने वाली कई सरकारी योजनाओं का लाभ बंद हो गया है। महतारी वंदन योजना की राशि रुक गई है, वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहा मकान भी अधूरा पड़ा है क्योंकि योजना की अगली किस्त नहीं मिल पा रही है।

आर्थिक संकट से जूझ रही हलीमा बानो फिलहाल किराए के मकान में रहने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि हर महीने किराया देना और तीन बच्चियों का खर्च उठाना बेहद मुश्किल हो गया है।

मामले में Nilesh Kumar Mahadev Kshirsagar ने जांच कर आवश्यक कार्रवाई कराने की बात कही है। कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन को मामले की जानकारी मिल चुकी है और अगले 15 दिनों के भीतर समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा।