Friday, July 17, 2026

कश्मीर में एक तीर से दो निशाने:पुलिस की एनकाउंटर लिस्ट में अभी 160 आतंकियों के नाम और; बदली कश्मीर की फिजा, अब न जुलूस, न पत्थरबाजी

एनकाउंटर 1: दिन 28 मई, शाम 6:08 बजे। अनंतनाग के सीतीपोरा में बिजबहेरा। 6.13 बजे 2 आतंकी ढेर।

एनकाउंटर 2: दिन 29 मई शाम 5:49 बजे। पुलवामा का गुंडीपोरा इलाका। 30 की सुबह 7.33 बजे पहला, जबकि 10.47 बजे दूसरा आतंकी ढेर। इनमें से एक 13 मई को शहीद हुए कॉन्स्टेबल रियाज अहमद का भी कातिल था।

एनकाउंटर 3: दिन 30 मई शाम 5:34 बजे। अवंतीपोरा का राजपोरा इलाका। 31 की सुबह 5:03 बजे 2 आतंकी ढेर।

‘कल भी एनकाउंटर हुआ था, आज भी होगा…और ये तब तक होता रहेगा जब तक एक भी मिलिटेंट जिंदा है। अमन के दुश्मनों को हम जीने नहीं देंगे। अंडर ग्राउंड या ओवरग्राउंड कैसा भी, अब आतंक का कारोबार कश्मीर में नहीं चलेगा।’

जम्मू-कश्मीर के DGP दिलबाग सिंह ने यह  बातचीत में कही। इसके कुछ घंटे बाद कश्मीर जोन की पुलिस के ट्विटर हैंडल से #Encounter के साथ एक ट्वीट हुआ- अवंतीपोरा के राजपोरा इलाके में एनकाउंटर शुरू हो गया है।

असल में कश्मीर की फिज़ा अब बदल गई है। 3 साल पहले जिस तरह से ‘बंद’ कश्मीर की पहचान थी, ठीक उसी तरह अब ‘एनकाउंटर’ की खबर लोगों के लिए एक आम खबर है। कश्मीर पुलिस जोन के ट्विटर हैंडल में ‘एनकाउंटर’ उसी तरह अपडेट हो रहे हैं जैसे किसी मीडिया संस्थान में बुलेटिन होते हैं। कब, किसे मारा गया, कौन-कौन से हथियार बरामद हुए, आतंकी का नाम, उसका संगठन सब कुछ।

एक पुलिस अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, ‘ट्विटर अपडेट किसी दिखावे में नहीं किया जा रहा। यह हमारी स्ट्रैटेजी का हिस्सा है, दरअसल घाटी से आतंक और खौफ दोनों का सफाया करना है।’

‘गोली से आतंकी का सफाया करते हैं और ट्विटर अपडेट से ‘खौफ’ का। सरकार का मैसेज साफ है, आतंकी की मौत की खबर सबको लगनी चाहिए, केवल हमें नंबर कम नहीं करने हैं, बल्कि उनके कॉन्फिंडेंस को तोड़कर रख देना है। आतंक के आकाओं के मंसूबों को ध्वस्त करना है। उधर, आम जनता को यह बताना है कि घाटी में अब आतंक का नहीं भारत सरकार का शासन है।’

अधिकारी इस पूरी स्ट्रैटेजी को एक लाइन में समेटता है, ‘हम एक तीर से दो निशाने साध रहे हैं। हमारा मकसद साफ है, हम एक तरफ आतंक की फैक्ट्री चलाने वालों के मन में खौफ पैदा करेंगे और आम जनता के बीच से खौफ खत्म।’