Tuesday, June 2, 2026

कोरबा उपचुनाव: भीषण गर्मी में मतदान को लेकर उत्साह, जेल में बंद हत्या का आरोपी भी मैदान में

कोरबा। जिले में सोमवार को बिंझरा जनपद पंचायत क्षेत्र और नगर पालिका दीपका के उपचुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। भीषण गर्मी और लू के बावजूद मतदाताओं में मतदान को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। हालांकि दीपका में फर्जी मतदान की शिकायत को लेकर कुछ देर के लिए विवाद की स्थिति बनी, जिसे पुलिस ने तत्काल नियंत्रित कर लिया।

बिंझरा में मतदाताओं की लंबी कतारें

जनपद पंचायत क्षेत्र क्रमांक-18 बिंझरा में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। महिला, बुजुर्ग और युवा मतदाता बड़ी संख्या में मतदान करने पहुंचे। क्षेत्र की तीन ग्राम पंचायतों के मतदाताओं ने कुल आठ मतदान केंद्रों में अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने मतदान केंद्रों पर छाया, पेयजल और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की थी, जिससे मतदाताओं को सुविधा मिल सके।

हत्या का मुख्य आरोपी लड़ रहा चुनाव

इस उपचुनाव की सबसे चर्चित बात भाजपा नेता अक्षय गर्ग हत्याकांड के मुख्य आरोपी मुश्ताक अहमद की उम्मीदवारी रही। मुश्ताक अहमद वर्तमान में जेल में बंद है, बावजूद इसके वह जनपद सदस्य पद के लिए चुनाव मैदान में है।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था की थी और कई मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।

दीपका में फर्जी वोटिंग को लेकर हंगामा

नगर पालिका दीपका के उपचुनाव के दौरान दोपहर करीब 3:25 बजे फर्जी मतदान के आरोपों को लेकर प्रत्याशियों और समर्थकों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। कुछ समय के लिए मतदान केंद्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा और मतदान प्रक्रिया प्रभावित हुई।

सूचना मिलते ही दीपका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने मतदान केंद्र के आसपास मौजूद अनावश्यक भीड़ को हटाया, जिसके बाद मतदान दोबारा सुचारु रूप से शुरू हो गया।

ड्रोन और वेबकास्टिंग से निगरानी

उपचुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। जिले के संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।

कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक लगातार स्थिति की निगरानी करते रहे, जबकि एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारियों को फील्ड में तैनात किया गया था। निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग किया गया और वेबकास्टिंग के माध्यम से कंट्रोल रूम से मतदान प्रक्रिया पर नजर रखी गई।

कड़ी सुरक्षा में रखी गईं मतपेटियां

शाम 5 बजे मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्ट्रांग रूम पहुंचाया गया। अब सभी की निगाहें मतगणना और परिणामों पर टिकी हुई हैं।