
कोरबा स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में भी सरकार की महती योजना के तहत सी मार्ट खुलने जा रहा है. होटल शालीन के बगल में जहां पूर्व में प्रियदर्शनी स्व सेवा केंद्र संचालित था वहां सी मार्ट की स्थापना की जिम्मेदारी नगर निगम कोरबा को दी गई है.
बताया जाता है कि, सी मार्ट की स्थापना को लेकर भ्रष्टाचार का खेल खेला जा रहा है. बताया जाता है कि C- mart में लगभग 20 लाख का फर्नीचर नगर निगम द्वारा लगवाया गया है जिसका अभी वर्क आर्डर भी नहीं हुआ और फर्नीचर की सप्लाई और इंस्टॉलेशन का काम भी करवा लिया गया है इस सामान (फर्नीचर) की वास्तविक बाजार कीमत 5-6 लाख बताई जाती है. भ्रष्टाचार के इस खेल में फर्नीचर रैक खरीदी GEM ई- मानक पोर्टल के माध्यम से की गई है जिसे 5-5 लाख के कई टुकड़ों में बांटकर लगभग 20 लाख का भुगतान किया जाएगा. जिसका वर्क आर्डर भी नहीं हुआ है और समान लगवा लिया जाना भ्रष्टाचार को प्रमाणित करता है. पूर्व नियोजित ठेकेदार से बिना ऑर्डर काम कराया जाना और 5-6 लाख रुपए कीमत की सामग्री को भंडार क्रय नियम के विरुद्ध टुकड़ों में बांटकर 20 लाख रुपए का आर्डर जारी किया जाता है तो इस भ्रष्टाचार का भार खनिज न्यास मद से नगर निगम पर पड़ेगा.
भ्रष्टाचार के इस खेल में नगर निगम के चर्चित अभियंता की भूमिका महत्वपूर्ण बताई जा रही है. बिना वर्क आर्डर के समान लगवाया जाना और बाजार मूल्य से 4 गुना मूल्य पर खरीदी किया जाना जिला प्रशासन और राज्य सरकार के लिए जांच का विषय हो सकता है. कुछ अधिकारी कर्मचारी मिलकर जनता के पैसे पर जमकर भ्रष्टाचार कर रहे हैं बताया जाता है कि पार्टनरशिप मे काम करवाया जा रहा है समान की गुणवत्ता और लगभग 4-5 गुना मूल्य पर आर्डर जारी किया जाना संदेह को जन्म देता है जिला प्रशासन को विशेष संज्ञान में लेकर जांच कराया जाना आवश्यक है.











