Saturday, July 18, 2026

आंदोलन का दावानल:​​​​​​​गरियाबंद में 400 वनकर्मी 10 दिन से हड़ताल पर,40 फीसदी जंगल आग में तबाह,पौधों के साथ कीमती पेड़ भी चपेट में

देश को ऑक्सीजन देने वाले छत्तीसगढ़ के जंगल जल रहे हैं। गर्मी में सुलगी आग को वनकर्मियों के आंदोलन ने और भड़का दिया है। अकेले गरियाबंद में ही 40 फीसदी जंगल को आग ने तबाह कर दिया है। इसमें पौधों से लेकर कीमती पेड़ तक शामिल हैं। इसका असर अब वन्यजीवों पर पड़ने लगा है। पर्यावरणविद् भी आगाह कर चुके हैं कि जल्द ध्यान नहीं दिया, तो परिणाम भयावह होंगे।

दरअसल, जिले के उदंति और सीतानदी अभयारण्य के 400 वनकर्मी अपनी मांगों को लेकर 10 दिन से हड़ताल पर हैं। वहीं अभयारण्य के इंदागांव, तौरेंगा, उत्तर उंदति के अलावा वन मण्डल के कई जंगलो में सप्ताह भर से भीषण आग लगी हुई है। इस आग के चलते बड़ी वन संपदा खतरे में है। पौधों के साथ कच्चे पेड़ के कीमती लठ्ठे और वन्य जीवों को भी आग ने अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है।

जिले में करीब साढ़े 3 लाख हेक्टेयर में जंगल फैला हुआ है। इसकी सुरक्षा फिलहाल गिनती के फायर वॉचर कर रहे हैं। आग बुझाने की नाकाम कोशिश कर चुके यह वॉचर अब आग को बाकी जंगल तक पहुंचने से रोकने में जुट गए हैं। इसके लिए वह हाथ में एयरगन जैसा उपकरण लेकर सूखी लकड़ियों और पत्तियों को आग तक पहुंचने से रोकने में जुटे हैं। जिससे आग को फैलने से रोका जा सके।