कोरबा। सोशल मीडिया के युग में घटना कंही की भी हो , पर मुद्दा अगर सही हो तो समर्थन मिल ही जाता है। ताजा मामला दर्री डेम के समीप का है जंहा खराब सड़क की जीर्णोद्धार के लिए अनोखा आंदोलन ट्रोल हो रहा है। सड़क निर्माण की मांग को जायज ठहराते हुए लोग समर्थन में उतर गए है।

समाज के कुछ जागरूक युवकों के द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन की चर्चा आज पूरे प्रदेश में हो रही है।वही सोशल मीडिया में लोगों के द्वारा शहर की खस्ताहाल सड़कों के निर्माण में बरती जा रही लापरवाही और लेटलतीफी को लेकर शहर सरकार के निर्वाचित महापौर,कोरबा विधान सभा के विधायक एवं केबिनेट मंत्री सहित कलेक्टर कोरबा की खिंचाई भी की जा रही है।
विरोधकर्ता युवक उन वोटरों को भी सम्बोधित करते हुए कह रहे है,कि आपने दारू,मुर्गा और 500 रु के नोट के बदले चुनावों में जो अपना बेशकीमती वोट बेचकर असक्रिय और गैर जिम्मेदार जन प्रतिनिधि चुना है, यह उसी का परिणाम है। रही आपके तकलीफ की बात तो आपने अपना मत बेचकर सच बोल पाने की क्षमता ही खो दी है। इसलिए वर्षों से शहर की गड्ढेदार सड़कों में जैसे-तैसे कष्टपूर्ण आवागमन करने के बाद भी आपके मुंह से आवाज नही निकल रही है।।
मित्रों आपको पता होगा कि कोरबा जिले और शहर की खस्ताहाल सड़कों की तरह रायगढ़ जिले और शहर की सड़के भी पूरी तरह से खराब हो चुकी है। यहां बीते कई सालों से सड़कों का निर्माण या तो किया ही नही गया या फिर किया भी गया तो उसमें इतना जबरदस्त भ्रष्टाचार हुआ,कि सड़कें बनने के कुछ दिनों बाद ही उखड़ने लग गई।
इस लिहाज से कोरबा शहर में किये गये विरोध की तर्ज पर रायगढ़ शहर के अलावा प्रदेश के दूसरे शहरों के जागरूक नागरिकों को भी ऐसा ही कुछ करना चाहिए।











