कोरबा। तिलकेजा गांव में महिलाओं ने ‘सशक्त नारी-सशक्त भारत’ के नारे को वास्तविकता में बदलते हुए अवैध शराब के खिलाफ एक ऐतिहासिक कदम उठाया। यह गांव पहले से ही महुआ शराब बनाने के काम से परेशान था, लेकिन जब अधिकारियों से बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई असर नहीं हुआ, तो महिलाओं ने खुद मोर्चा संभाल लिया।
महिलाओं के समूह ने अवैध शराब बनाने के ठिकानों पर दबिश दी और बड़ी मात्रा में महुआ लाहन व शराब बनाने के अन्य सामान को कब्जे में लिया। इसके बाद, सबकी उपस्थिति में गांव के मैदान में उन सामग्रियों को रखकर आग लगा दी। इस कार्यवाही में महिला पुलिस कर्मियों को भी सुरक्षा के लिए तैनात किया गया।