Wednesday, May 6, 2026

छत्तीसगढ़ में 28 सितंबर को होगी किसान महापंचायत, राकेश टिकैत सहित ये बड़े किसान नेता होंगे शामिल

रायपुर. केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानून को रद्द करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य गारंटी कानून पारित करने की मांग को दिल्ली सीमाओं पर जारी किसान आंदोलन देश के अलग-अलग कोने में तीखा होते जा रहा है. 26-27 अगस्त को दिल्ली सीमाओं पर जारी किसान आंदोलन के नौ महीना पूरा होने पर सिंघू बॉर्डर में आयोजित अखिल भारतीय अधिवेशन में इस बात पर जोर दिया गया है कि सभी राज्यों में किसान आंदोलन को तीव्र किया जाएगा. इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के राजिम में 28 सितंबर को किसान महापंचायत होगी, जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा दिल्ली के किसान नेता शामिल होंगे.

शांतिपूर्ण ऐतिहासिक किसान आंदोलन के नौ महीने पूरे होने पर सिंघू बॉर्डर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में छत्तीसगढ़ से प्रतिनिधी के रूप में शामिल अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सचिव और छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के संचालक मंडल सदस्य तेजराम विद्रोही, जागेश्वर जुगनू चंद्राकर, गोविंद चंद्राकार, पंकज चंद्राकर आदि ने हिस्सा लिया. इन्होंने संयुक्त किसान मोर्चा के नेता राकेश टिकैत, डॉ. दर्शन पाल, योगेंद्र यादव, मेधा पाटकर और डॉ. सुनीलम से मिलकर छत्तीसगढ़ के राजिम में होने वाले किसान महापंचायत में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया. जिस पर किसान नेताओं ने छत्तीसगढ़ आने की अपनी सहमति दी है.

देश के किसान अलग-अलग राज्यों से राजधानी दिल्ली के लिए निकले हुए थे, जिन्हें 27 नवंबर को दिल्ली सीमाओं जैसे सिंघू-कुंडली, गाजीपुर, टिकरी, शाहजहांपुर में केंद्र सरकार द्वारा रोक दिया गया. जहां पर किसान अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिए. इस शांतिपूर्ण ऐतिहासिक किसान आंदोलन के नौ महीने पूरे होने पर सिंघू बॉर्डर में दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन किया गया. जिसमें छत्तीसगढ़ के तेजराम विद्रोही बेलटुकरी राजिम, जागेश्वर जुगनू चंद्राकर बाकमा महासमुंद, गोविंद चंद्राकार मोखा महासमुंद, पंकज चंद्राकर पीढ़ी महासमुंद सहित देश भर से किसान, मजदूर व नागरिक संगठनों के 3000 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया