कोरबा। दिल्ली में छात्रों के साथ हुई कथित पुलिसिया बर्बरता के विरोध में कोरबा में उठने वाली आवाज को पुलिस प्रशासन ने शुरू होने से पहले ही थाम दिया। युवा कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ता जहां प्रदर्शन की तैयारी में जुटे थे, वहीं पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई करते हुए कई प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
बताया जा रहा है कि कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर छात्रों के समर्थन में अपनी बात रखना चाहते थे। लेकिन प्रशासन ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव के प्रस्तावित दौरे और संभावित भीड़ को देखते हुए किसी भी तरह की स्थिति से बचने के लिए पहले ही कार्रवाई कर दी।
हिरासत में लिए गए लोगों में NSUI प्रदेश महासचिव विशाल सिंह के अलावा भानु भगत, आशीष बंजारे, प्रतीक पांडे, मनोज महनर, नवनीत सिंह, हर्ष डहरिया, अरविंद राठौर, मनोहर, आनंद चौहान, महेंद्र सिंह, अनिकेत, अभिषेक लहरे और नित्यानंद श्रीवास शामिल हैं। कार्यकर्ताओं की संख्या अधिक होने के कारण पुलिस ने उन्हें मानिकपुर चौकी परिसर में ही रखा, जहां अस्थायी व्यवस्था की गई । इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की बहस भी देखने को मिली, हालांकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।
क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आई। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न फैले।
वहीं हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें शांतिपूर्ण विरोध करने का मौका नहीं दिया गया। उनका कहना है कि यह लोकतंत्र में अपनी बात रखने के अधिकार का उल्लंघन है। उन्होंने दिल्ली की घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।











