कोरबा। बिहार के नालंदा जिले में हुई बड़ी डकैती के मामले में फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों को कोरबा पुलिस ने फिल्मी अंदाज में गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी कोरबा के निहारिका क्षेत्र स्थित सुभाष चौक के पास अपने जीजा के घर में छिपकर रह रहे थे। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कोरबा पुलिस की क्राइम टीम ने 14 अगस्त को घेराबंदी कर सोनू और धीरज को दबोच लिया। कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बिहार पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
3 अगस्त की रात घर में घुसकर की थी डकैती
मामला बिहार के नालंदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, 3 अगस्त की रात करीब 12:58 बजे करीब 12 हथियारबंद डकैतों ने राजीव रंजन के देवीसराय स्थित घर में धावा बोल दिया था। आरोपियों ने परिवार के सदस्यों को बंधक बनाकर पिस्टल का भय दिखाया और घर में रखी नकदी तथा सोने-चांदी के जेवरात लूटकर फरार हो गए।
शिकायत के मुताबिक, डकैत करीब 45 लाख रुपये नकद, लगभग 450 ग्राम सोने के आभूषण और करीब 3 किलो चांदी लेकर फरार हुए थे। इस पूरी वारदात की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये बताई जा रही है।
स्थानीय भाषा में कर रहे थे बातचीत
वारदात के दौरान डकैत आपस में स्थानीय भाषा में बातचीत कर रहे थे। बताया गया कि गिरोह के कुछ सदस्य लुंगी पहने हुए थे। घटना के बाद बिहार पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की और अलग-अलग स्थानों पर उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही थी।
मुखबिर की सूचना पर कोरबा में बिछाया जाल
इसी दौरान कोरबा पुलिस को सूचना मिली कि डकैती के दो मुख्य आरोपी सोनू और धीरज कोरबा में छिपे हुए हैं। दोनों अपने जीजा के घर में शरण लेकर रह रहे थे। सूचना मिलते ही क्राइम टीम ने दोनों की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू किया।
14 अगस्त को पुलिस ने निहारिका क्षेत्र के सुभाष चौक में घेराबंदी की और मौके से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अचानक हुई पुलिस कार्रवाई से दोनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
बिहार पुलिस को सौंपे गए दोनों आरोपी
गिरफ्तारी के बाद कोरबा पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद दोनों को बिहार पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। अब नालंदा पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर डकैती में शामिल गिरोह के अन्य सदस्यों और लूटे गए सामान के संबंध में जानकारी जुटाएगी।
कोरबा पुलिस की इस कार्रवाई से नालंदा की बड़ी डकैती के मामले में फरार चल रहे आरोपियों तक पहुंचने में बिहार पुलिस को अहम सफलता मिली है।










