Thursday, September 17, 2026

रेल, भू-विस्थापन और स्वास्थ्य सुविधाओं पर सांसद ने उठाए सवाल, कहा- जनहित के मुद्दों पर राजनीति से ऊपर उठकर हो काम

कोरबा। कोरबा सांसद ने पत्रकार वार्ता में अपने संसदीय क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया। उन्होंने स्वास्थ्य, रेलवे, सड़क, DMF फंड, भू-विस्थापन, रोजगार, प्रदूषण और पर्यटन को लेकर केंद्र और राज्य सरकार से आवश्यक पहल की मांग की। सांसद ने कहा कि कोरबा और पूरे छत्तीसगढ़ के जनहित से जुड़े मुद्दों पर राजनीति से ऊपर उठकर काम किया जाना चाहिए।

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में मेडिकल कॉलेज की मांग

सांसद ने कहा कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए वह लगातार प्रयास कर रही हैं। इसका उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कोरबा मेडिकल कॉलेज में MBBS और PG सीटें बढ़ाने के लिए किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया। साथ ही कोरबा के ESI अस्पताल में डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य पदों के रिक्त होने का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार से भर्ती की दिशा में पहल करने की मांग की।

DMF फंड को प्रभावित क्षेत्रों में खर्च करने की मांग

सांसद ने कहा कि कोरबा जिले में मिलने वाली DMF राशि का अधिक उपयोग प्रत्यक्ष खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास में किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर कलेक्टर से चर्चा की गई है।

कोरबा शहर, उपनगरों और ग्रामीण क्षेत्रों की खराब सड़कों का मुद्दा भी उन्होंने उठाया। 16 सितंबर को हुई दिशा समिति की बैठक में कलेक्टर से सड़क सुधार और नए निर्माण कार्यों को जल्द शुरू कराने की मांग रखने की जानकारी दी।

कोरबा की रेल सुविधाओं को लेकर सवाल

पत्रकार वार्ता में सांसद ने कोरबा की रेल समस्याओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कोरबा, चिरमिरी, अंबिकापुर और बिलासपुर से जुड़ी यात्री सुविधाओं, ट्रेनों के ठहराव, विस्तार और नई यात्री ट्रेनों के संचालन को लेकर लगातार रेलवे अधिकारियों, रेल मंत्रालय और रेल बोर्ड के समक्ष मांगें रखी गई हैं।

उन्होंने कोरोना काल में बंद हुई यात्री ट्रेनों को दोबारा शुरू करने के लिए किए गए पत्राचार का भी जिक्र किया। सांसद ने कहा कि कोरबा से रेलवे को बड़े पैमाने पर राजस्व मिलने के बावजूद यात्री सुविधाओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

उन्होंने सवाल उठाया कि रेलवे की प्राथमिकता में कोयला परिवहन के साथ यात्री सुविधाओं और यात्री ट्रेनों को पर्याप्त महत्व क्यों नहीं दिया जा रहा है।

तीजा-पोरा में ट्रेनें रद्द होने से यात्रियों को परेशानी

सांसद ने तीजा और पोरा पर्व के दौरान लोकल ट्रेनों के रद्द होने का मुद्दा भी उठाया। उनके मुताबिक, ट्रेनों के रद्द होने से बड़ी संख्या में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

उन्होंने बताया कि अगले महीने रेल मंत्री के बिलासपुर दौरे के दौरान कोरबा से जुड़ी रेल समस्याओं को प्रमुखता से रखा जाएगा। इसके अलावा मंडल स्तरीय सांसदों की बैठक के लिए मांगे गए प्रस्ताव भी भेजे जा चुके हैं।

भू-विस्थापितों की समस्याओं का मुद्दा उठाया

कोरबा के भू-विस्थापितों की समस्याओं को लेकर सांसद ने हरदीबाजार, अमगांव, चुरैल, पाली और पड़नियां सहित कई क्षेत्रों का जिक्र किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि SECL द्वारा जमीन अधिग्रहण के बाद कई प्रभावित परिवारों को मुआवजा, रोजगार और बसाहट से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सांसद ने कहा कि वर्षों बाद जमीन अधिग्रहित किए जाने के मामलों में किसानों को वर्तमान दर के अनुसार मुआवजा दिए जाने पर विचार किया जाना चाहिए।

उन्होंने पुनर्वास और बसाहट की व्यवस्था से जुड़े नियमों का पालन करने की भी मांग की।

SECL कर्मचारियों और स्थानीय रोजगार का मुद्दा

सांसद ने मेडिकल रूप से अनफिट SECL कर्मचारियों के आश्रितों को रोजगार देने और मेडिकल बोर्ड की बैठकों से जुड़े मुद्दे भी उठाए। उनका कहना है कि मेडिकल बोर्ड की बैठकें नहीं होने से संबंधित कर्मचारियों के मामलों का निराकरण प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने SECL की ठेका कंपनियों में स्थानीय बेरोजगारों और भू-विस्थापित परिवारों को रोजगार देने की मांग भी रखी।

कोरबा के पर्यटन स्थलों को विकसित करने पर जोर

सांसद ने कोरबा के धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों को पर्यटन के रूप में विकसित करने की बात कही। उन्होंने कनकी, चैतुरगढ़, कुदुरमाल, मड़वारानी, हनुमानगढ़ी, कोसगई और मातिन दाई जैसे स्थलों का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि विभिन्न निधियों के माध्यम से उनकी अनुशंसा पर कुछ स्थानों पर विकास कार्य भी कराए गए हैं।

सुनालिया अंडरब्रिज निर्माण में देरी का मुद्दा

कोरबा की यातायात समस्या को गंभीर बताते हुए सांसद ने सुनालिया अंडरब्रिज का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अंडरब्रिज की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन निर्माण में देरी हो रही है।