कुसमुंडा। एक तरफ जहां कोल इंडिया स्थापना दिवस पर कोल इंडिया के अंतर्गत आने वाली कंपनी एसईसीएल को पुनर्वास, बसाहट, रोजगार, सामाजिक लाभ और विस्थापन जैसे मुद्दों से कुशलतापूर्वक हल करने के नाम पर प्रथम पुरस्कार दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कोरबा जिले में कुसमुंडा क्षेत्र अंतर्गत रहने वाले भू-विस्थापित किसान, रोजगार की मांग करते हुए कोल इंडिया के स्थापना दिवस से लगातार तीसरे दिन भी मुख्यालय के सामने धरना पर बैठने को मजबूर है।
इससे भू-विस्थापितों और किसानों के प्रति राज्य सरकार और एसईसीएल का असली चेहरा भी सामने आ रहा है कि वह विस्थापन के नाम पर किसानों को किस तरह बेघर करने,उनकी आजीविका का साधन खेती को छीन कर बेरोजगार बना रहे हैं और ऐसे ही नीति पर काम करने वाले एसईसीएल अधिकारियों को कोल इंडिया सम्मानित करती है उक्त बातें किसान सभा के जिला सहसचिव दीपक साहू ने रोजगार एकता संघ के बेनर तले चल रहे धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा।
उल्लेखनीय है कि लंबित रोजगार की मांग पर भू विस्थापित किसानों ने खदान में 12 घंटों तक उत्पादन कार्य ठप्प करने के बाद एसईसीएल कुसमुंडा मुख्यालय के सामने तीसरे दिन भी धरना प्रदर्शन जारी है।
आंदोलन के तीसरे दिन प्रमुख रूप से माकपा जिला सचिव प्रशांत झा,किसान सभा के अध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर,दीपक साहू, जय कौशिक के साथ भू विस्थापित राधेश्याम कश्यप,दामोदर,रेशम,पुरषोत्तम,बादल कुमार, रामेश्वर दास, सांतन्नू कुर्रे,अशोक साहू,ओंकार प्रसाद, पुनीत कुमार, हेमलाल,संजय, मोहन यादव,अमरपाल सिंह के साथ बड़ी संख्या में भू विस्थापित धरना में शामिल हुए।
इन विस्थापितों के लिए न कोई तीज है, न त्यौंहार, न कोई दशहरा न दीवाली।











