Monday, June 15, 2026

7 करोड़ के घोटाले मामले में अब एक्शन:सात और वनकर्मी निलंबित; विधानसभा में घोषणा के एक महीने बाद भी नहीं हुई थी कार्रवाई

गौरेला-पेंड्रा मरवाही के गौरेला रेंज में हुए 7 करोड़ के घोटाले मामले में कार्रवाई हुई है। डीएफओ दिनेश पटेल ने अब 7 और वनकर्मियों को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही यह संख्या बढ़कर अब 12 तक पहुंच गई है। जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस मामले में अब एक अधिकारी पर कार्रवाई बाकी है। साथ ही 2 और रिटायर्ड अधिकारियों से वसली की कार्रवाई भी बाकी है।

इस मामले में अधिकारी कर्मचारी समेत 15 लोगों पर कार्रवाई होनी थी। इसे लेकर मंत्री टीएस. सिंहदेव ने विधानसभा में कार्रवाई करने की घोषणा की थी। इसके एक महीने बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही थी।

इसके पहले रविवार को ही 4 चार डिप्टी रेंजर को भी निलंबित किया गया था। वहीं गौरेला रेंजर गोपाल प्रसाद जांगड़े को निलंबित किया गया था। इस प्रकार अब एक अधिकारी पर कार्रवाई होनी बाकी है। जिनका तबादला कुछ दिन पहले कर दिया गया था। साथ ही 2 रिटायर्ड अधिकारियों से भी वसूली की कार्रवाई बाकी है। अभी जिन वनकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उनका नाम लाल बहादुर कौशिक, पन्नालाल जांगड़े, दीपक कौसले, देवेन्द्र कस्यप, नवीन बंजारे, कुमारी नीतू ध्रुव और वीरेन्द्र साहू है। ये सभी यहां बीटगार्ड के रूप में काम कर रहे थे। एक अधिकारी के पी डिंडोरे पर कार्रवाई अभी बाकी है।

ये है मामला

दरअसल, जिले के मरवाही वन मंडल के गौरेला रेंज के ग्राम चुकतीपानी, टाड़पथरा, पकरिया, केंवची, पंड़वनिया और तराईगांव में पुलिया और स्टापडैम का निर्माण कराना था। इन गांवों में 33 काम के लिए सामग्री की राशि निकालकर गबन कर लिया गया, जबकि काम हुआ ही नहीं है। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही कलेक्टर की जांच में यह साबित भी हो गया था। इस तरह से कुल मिलाकर 7 करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार करने का मामला सामने आया था। कुछ जगह पर काम किए भी गए थे,लेकिन वह समय से पहले ही खराब हो गए हैं।

बताया गया था की यह सभी काम पंचायत विभाग के मनरेगा के तहत होने थे। इस मुद्दे को कांग्रेस विधायक गुलाब कमरो ने विधानसभा में उठाया था। जिसके बाद पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव ने कुल 15 अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा कर दी थी। इन 15 में से 13 का निलंबन किया जाना था। जबकि रिटायर्ड हो चुके 2 अधिकारियों से पैसे वसूलने की बात कही गई थी। रिटायर्ड अधिकारियों में राजकुमार शर्मा और राकेश कुमार मिश्र का नाम शामिल था। जिनसे पैसे वसूलने की बात कही गई थी।

घोषणा के बाद से ऐसा लगा ता कि इन पर जल्द कार्रवाई हो जाएगी। मगर 21 मार्च को हुई घोषणा के एक महीने बाद भी यह इनमें से ज्यादातर अधिकारी यहीं काम पर लगे हुए थे। इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही थी। जिसके बाद पूरे मामले को हमने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। अब इन 15 में से अब तक 12 के खिलाफ कार्रवाई की गई है।