Monday, June 29, 2026

पंजशीर से आखिर क्यों खौफ खाता है तालिबान, अहमद मसूद बोले- ‘डिक्शनरी में नहीं है सरेंडर’

नई दिल्ली: अफगानिस्तान में पंजशीर घाटी (Panjshir) पर तालिबान (Taliban) बड़े हमले की तैयारी में है, लेकिन अहमद मसूद की सेना भी तैयार है. उनका कहना है कि आतंक के सामने सरेंडर नहीं करेंगे. काबुल पर कब्ज़े के बाद तालिबान के लड़ाके अब विद्रोहियों के गढ़ पंजशीर घाटी की ओर बढ़ रहे हैं. यह अफगानिस्तान का वो हिस्सा है जो अब तक तालिबान के कब्जे में नहीं आया है. उधर, इस इलाके में विद्रोहियों का नेतृत्व कर रहे अहमद मसूद ने भी ऐलान किया है कि उनकी सेना भी जंग के लिए तैयार है. उन्होंने तालिबान को चेतावनी भी दी है. बता दें कि पंजशीर लंबे समय से तालिबान विरोधी गढ़ के रूप में माना जाता है. जब से तालिबान ने अफगानिस्तान पर नियंत्रण किया है, तभी से पंजशीर घाटी में विद्रोही लड़ाके जुटना शुरू हो गए हैं. बताया जा रहा है कि इनमें सबसे ज़्यादा संख्या अफगान नेशनल आर्मी के सैनिकों की है. इस गुट का नेतृत्व नॉर्दन एलायंस के चीफ रहे पूर्व मुजाहिदीन कमांडर अहमद शाह के बेटे अहमद मसूद कर रहे हैं. उनके साथ पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह और बल्ख प्रांत के पूर्व गवर्नर की सैन्य टुकड़ी भी है. बेशक पंजशीर अब तालिबान के लिए भी विरोध का मुखर स्वर बनता जा रहा है. आइये जानते हैं पंजशीर से तालिबान आखिर क्यों खौफ खाता है.