लगातार त्योहारों की वजह से बढ़ी भीड़ और लापरवाही से कोरोना का खतरा लौट आया है। अगस्त 2021 के मुकाबले जांच आधी रह जाने के बावजूद मरीजों का आंकड़ा बढ़ रहा है। राजधानी रायपुर और दुर्ग-भिलाई जैसे शहरी क्षेत्रों में जिस तरह के आंकड़े आ रहे हैं, वह अधिक खतरे का संकेत हो सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से देर रात जारी रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को दिन भर में 16 हजार 231 लोगों की कोरोना जांच हुई। उनमें से 32 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें सबसे अधिक 6 मरीज रायपुर में पाए गए। रायगढ़-कोरबा में 5-5 और दुर्ग-दंतेवाड़ा में नए मरीजों की संख्या 4-4 बताई जा रही है। इससे ठीक एक दिन पहले यानी शनिवार को कोरोना के 24 हजार 491 नमूनों की जांच हुई थी। इसमें 36 लोग पॉजिटिव पाए गए। इसमें 16 लोग अकेले रायपुर में पाए गए थे। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग ने 25 हजार 17 नमूनों की जांच की थी।
अगस्त की शुरुआत में रोजाना 40 हजार से अधिक नमूनों की जांच हो रही थी। उनमें 100 से अधिक नए मरीज मिल रहे थे। 10 अगस्त के बाद इसमें गिरावट देखने को मिली। जांच के लिए आ रहे नमूनों में भी कमी आई है। 31 अगस्त तक जांच की संख्या औसतन 28-30 हजार के बीच पहुंच गई। नए मरीजों की संख्या भी 19 से 30 के बीच सिमट गई। सितम्बर में भी सिलसिला ऐसा ही रहा। एक दिन में नए मरीजों की अधिकतम संख्या 56 तक पहुंची। अक्टूबर में उल्लेखनीय गिरावट दिखी। इस दौरान एक दिन केवल 10 मरीज ही मिले। 20 अक्टूबर को पहली बार आंकड़े बढ़े। उस दिन 34 नए मरीज मिले थे। उस दिन 21 हजार से अधिक लोगों की जांच हुई थी।











