Tuesday, September 29, 2026

कोरोना से राहत: सर्दी, जकाम और बुखार तक सीमित रहा इस बार कोरोना

भोपाल। पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर अधिक घातक रही थी, कई लोगों ने अपनों को खोया था। तीसरी लहर के पहले शहरवासी खासे डरे हुए थे, लेकिन राहत ये रही कि कोरोना की तीसरी लहर लोगों को सर्दी, जुकाम, बुखार से अधिक परेशान नहीं कर सकी। साथ ही संक्रमितों की संख्या भी इस बार कम रही है और मौत भी बहुत कम दर्ज हुई है। कोरोना की दूसरी लहर से तीन गुना कम लोग तीसरी लहर में संक्रमण की चपेट में आए। दूसरी लहर में 75 हजार से अधिक लोग संक्रमित पाए गए थे। जबकि पहली लहर में 40 हजार लोग संक्रमित निकले थे। तीसरी लहर को घातक माना जा रहा था, पर तीसरी लहर में संक्रमितों का आंकड़ा अब तक महज 12 हजार हुआ है। पिछले 43 दिन में जिले में 12075 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। जबकि सात लोगों की मौत हुई। पहली लहर में कोरोना का इलाज लेने के लिए लोग दिल्ली पहुंचे थे, लेकिन दूसरी लहर में कम लोगों ने ही दूसरे शहर के लिए रुख किया था। साथ ही आसपास के राज्यों से काफी लोग इलाज लेने के लिए ग्वालियर आए थे। तीसरी लहर में न तो कोई इलाज लेने शहर से बाहर निकला और न ही दूसरे शहर या राज्यों से कोई इलाज लेने ग्वालियर आया। इस बार कोरोना वैक्सीन ने कोरोना की आक्रामकता को कम किया है। लोग तीसरी लहर को कमजोर बता रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कि कोरोना का वायरस कमजोर रहा हो, पर इस बार लोगों में उससे लड़ने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता थी।

कोरोना की तीसरी लहर की जब घोषणा हुई तो वैक्सीनेशन कम लोगों का हुआ था, इसलिए इसे आक्रामक बताया गया था और अक्टूबर में आने की आशंका जताई गई थी। मगर जब जनवरी में तीसरी लहर आई तो बड़ी संख्या में लोग वैक्सीन के सुरक्षा कवच में खुद को सुरक्षित कर चुके थे, इसलिए लहर कमजोर साबित हुई। डॉ संतोष शुक्ला, राज्य टीकाकरण अधिकारी वैक्सीनेशन मुख्य हथियार कोरोना महामारी से बचाव के लिए वैक्सीनेशन व सावधानी ही मुख्य हथियार हैं, जो आपको महामारी से बचा सकते हैं। इसलिए लापरवाही न बरतें और मास्क लगाए तथा सुरक्षित शारीरिक दूरी का पालन करें।