Sunday, September 27, 2026

राज्य सूचना आयुक्त ने जनसूचना अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का जारी किया आंकड़ा, लापरवाही बरतने पर लगाया 85 लाख से ज्यादा का जुर्माना

रायपुर। राज्य सूचना आयोग ने सूचना देने में लापरवाही पर बरतने वाले जनसूचना अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर रहा है. बीते ढाई साल के दौरान करीब 3 हजार 836 प्रकरणों में सम्बंधित जनसूचना अधिकारियों पर 85 लाख रूपये से ज्यादा अर्थदण्ड लगाया गया है. इन अधिकारीयों में संयुक्त कलेक्टर, तहसीलदार, सीईओ जनपद पंचायत, खंड शिक्षा अधिकारी, खनिज अधिकारी, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, मेडिकल कॉलेज के जनसूचना अधिकारी और ग्राम पंचायतों के सचिव सहित अन्य शामिल है.

जानकरी के मुताबिक राज्य सूचना आयुक्त की कोर्ट ने लापरवाह जनसूचना अधिकारियों के खिलाफ मार्च 2021 से लेकर इस साल सितंबर महीने तक 85 लाख 37 हजार रूपये जुर्माना लगाया है. छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के आयुक्त धनवेन्द्र जायसवाल के मुताबिक आवेदकों को समय पर सूचना देने में लापरवाही बरतने और सूचना का अधिकार अधिनियम का समुचित क्रियान्वयन नहीं किए जाने पर यह कार्यवाही की गई है. इसी तरह प्रथम अपीलीय अधिकारियों के खिलाफ भी आयोग अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा कर रहा है.

बता दें कि सूचना का अधिकार अधिनियम 12 अक्टूबर 2005 से देश में लागू हुआ था. इसका उद्देश्य नागरिकों को जानने का अधिकार दिलाना, सरकार के कार्यकलापों में पारदर्शिता और जवाबदेही का संवर्धन करना, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना और लोकतंत्र को वास्तविक रूप से जनता के लिए काम करने के लिए तैयार करना है. आम आदमी सरकारी दफ्तर और पर्याप्त वित्त पोषित गैर सरकारी संगठनों के कार्यालय से सूचना ले सकते हैं. अधिनियम के तहत जन सूचना अधिकारियों को 30 दिनों के भीतर आवेदकों को जानकारी देनी होती है. यदि वह जानकारी देने में असफल रहते हैं या जानकारी देने के कार्य में लापरवाही करते हैं तो उनके विरुद्ध प्रथम अपीलीय अधिकारी के यहां सुनवाई होती है, जहां 30 दिवस या अधिकतम 45 दिन के भीतर आवेदन का निराकरण किया जाता है.

जब आवेदक को जानकारी नहीं मिल पाती है या अधूरी जानकारी मिलती है तो वह दूसरी बार छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में अपील शिकायत कर सकते है. इसके बाद राज्य सूचना आयुक्त अधिनियम के प्रावधानों के तहत अर्ध न्यायिक प्रणाली के तहत आवेदनों का निपटारा करते हैं. वहीं दोषी जन सूचना अधिकारियों पर जुर्माना लगाने के साथ ही प्रथम अपीलीय अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा की जाती है.

छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में ऑनलाइन सुनवाई की व्यवस्था

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत द्वितीय अपील और शिकायतों की सुनवाई के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की है. अपीलार्थी ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं. सभी जिलों के कलेक्टर कार्यालय स्थित NIC के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम से सुनवाई करते है. इससे आवेदकों को रायपुर तक आने की जरूरत नहीं होती है. राज्य सूचना आयोग ने जून 2023 में मोबाइल से भी सुनवाई की शुरुआत की है. इसके माध्यम से अपीलार्थी, जनसूचना अधिकारी अपने मोबाइल से जुड़कर द्वितीय अपील की सुनवाई में शामिल हो रहे हैं.