Thursday, July 30, 2026

छत्तीसगढ़ भाजपा में हो सकता है बड़ा फेरबदल:माथुर ने बंद किया प्रदेश की बैठकों में आना; मिल सकती है नई जिम्मेदारी

राष्ट्रीय अधिवेशन में माथुर, सीएम और प्रदेश के डिप्टी सीएम।रायपुर.छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर भाजपा सरकार बना चुकी है। अब संगठन में बदलाव की चर्चा है। पार्टी के भीतरी खेमे में इस बात की चर्चा है कि शीर्ष नेताओं में बदलाव हो सकता है। सूत्रों की मानें तो ओम माथुर के प्रोफाइल में बदलाव हो सकता है। ये बदलाव माथुर के लिए प्रमोशन ही होगा। उन्हें दूसरे बड़े प्रदेश की जिम्मेदारी दी जा सकती है, चर्चाओं में सबसे ऊपर नाम उत्तर प्रदेश और राजस्थान का है।

पिछले कुछ दिनों से माथुर प्रदेश भाजपा की बड़ी बैठकों में नहीं आ रहे हैं। वो दिल्ली में 29 फरवरी को हुई केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में शामिल थे। वहां माथुर ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव, उप मुख्यमंत्री अरुण साव से मुलाकात की।

राष्ट्रीय अधिवेशन में माथुर, सीएम और प्रदेश के डिप्टी सीएम।
राष्ट्रीय अधिवेशन में माथुर, सीएम और प्रदेश के डिप्टी सीएम।

छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने जो प्रत्याशी उतारे हैं उनमें माथुर की भी सहमति जरूर रही है। हालांकि प्रदेश के लोकसभा चुनाव को लेकर न तो अब तक कोई बयान माथुर का आया, न ही छत्तीसगढ़ को लेकर कोई सोशल मीडिया पोस्ट माथुर की दिखी।

11 कमल के फूल वाला टारगेट

इस लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ से 11 कमल के फूल दिल्ली भेजना चाहती है। पार्टी की हर बड़ी बैठक और सभा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कार्यकर्ताओं से यही कहते हैं कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकसभा चुनाव में 11 कमल के फूल देना चाहते हैं।

जब-जब मुख्यमंत्री 11 कमल के फूल कहते हैं, तब वह 11 सांसदों की बात कर रहे होते हैं, यानी की 11 की 11 सीटों पर जीत हासिल करना भाजपा का लक्ष्य है।

विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ में अच्छी जीत दिलाने वाले माथुर उत्तर प्रदेश में पहले भी चुनावी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। राजस्थान उनका गृह राज्य है वहां की राजनीति को बखूबी समझते हैं। इस बार भारतीय जनता पार्टी कोई रिस्क लेना नहीं चाहती इसलिए अपने अहम नेताओं काे लोकसभा के चुनाव में उतार रही है और संगठन से जुड़े जिम्मेदारियां में भी अनुभवियों के इस्तेमाल से हिचक नहीं रही है।

वजह यह है कि भारतीय जनता पार्टी इस बार 400 से ज्यादा सीट जीतने का लक्ष्य रखी हुई है। रायपुर से बृजमोहन अग्रवाल को लोकसभा चुनाव का टिकट देना इसी बात की ओर इशारा है।