दुर्ग. छत्तीसगढ़ में 10 दिन के अंदर 4 छात्राओं ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। इसमें 2 छात्राएं 10वीं और 2 लड़कियां 12वीं कक्षा की थीं। इसमें 2 CBSE और 3 CG बोर्ड की स्टूडेंट हैं। गुरुवार को दुर्ग जिले में भी 10वीं की छात्रा ने फांसी लगाई है। घटना मोहन नगर थाना क्षेत्र के उरला की है।
जानकारी के मुताबिक छात्रा का नाम धनेश्वरी उर्फ काजल खरे (16) है, जो उरला के IHSDP (Integrated Housing & Slum Development Programme) आवास में रहकर सरस्वती शिशु मंदिर दुर्ग में पढ़ाई कर रही थी। 10वीं बोर्ड का उसका रिजल्ट आया तो अंग्रेजी विषय में सप्लीमेंट्री आने से वह काफी उदास थी।

छात्रा ने सूने घर में लगाई फांसी
पुलिस के मुताबिक धनेश्वरी के माता-पिता मजदूरी करते हैं। बुधवार को वह घर में अकेली थी। भाई भी किसी काम से बाहर गया था। जब वो दोपहर एक बजे घर आया तो देखा कि बहन पंखे के सहारे फांसी पर लटकी हुई है। उसने सबसे पहले पड़ोसियों को सूचना दी, फिर पुलिस को बुलाया। लोगों ने लाश को नीचे उतारा, तब तक वह मर चुकी थी।
सूचना मिलते ही मोहन नगर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया।
गांव के लोगों ने बताया कि उनके क्षेत्र में इस तरह कम उम्र के बच्चों की खुदकुशी की कई घटनाएं हो चुकी हैं। इसलिए गांव के लोगों ने यह फैसला लिया है कि वे एकजुट होकर जन जागरूकता अभियान चलाएंगे। इस दौरान लोगों को समझाएंगे कि वे अपने बच्चों पर इतना दबाव ना डालें कि असफल होने पर वे खुदकुशी करें।11 मई को छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में 12वीं की छात्रा और बलरामपुर में 10वीं की छात्रा 2-2 विषयों में फेल होने के कारण फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। बताया जा रहा है कि रिजल्ट आने के बाद से दोनों टेंशन में थी। सुबह परिजनों को लाश लटकती मिली। पूरा मामला नवागढ़ थाना क्षेत्र और रामानुजगंज थाना क्षेत्र का है











