छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू (Swine Flu in CG) का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. प्रदेश में अब तक 300 से ज्यादा लोग संक्रमित पाए गए हैं, जबकि 17 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं बिलासपुर जिले में एक और महिला मरीज की मौत हो गई है. बिलासपुर हॉट स्पॉट बना हुआ है, यहां स्वाइन फ्लू से अब तक 9 लोगों जानें गई है. प्रदेश में स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है. विभाग ने नियंत्रण के संबंध में एडवाइजरी भी जारी की है
शुरूआत से ही इलाज कराएं
डॉ श्रीवास्तव ने कहा कि स्वाइन फ्लू यह सामान्य बुखार जैसा ही होता है. शरीर में दर्द, सर्दी, बलगम की शिकायत के साथ बुखार आता है तो ऐसे मे तत्काल चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक होता है. वाइन फ्लू में शुरूवात से ही उपचार लेना चाहिए. स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए भीड़ से दूर रहना चाहिए. प्रथम 72 घंटे में आराम नहीं होने पर स्वाइन फ्लू की जांच अवश्य कराएं.
Swine Flu फैलने का मुख्य कारण क्या है?
डॉक्टरों के मुताबिक फ्लू इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होता है. ज्यादातर लोगों को फ्लू तब होता है जब वे फ्लू से पीड़ित किसी व्यक्ति की खांसी या छींक से निकलने वाली छोटी-छोटी हवा में मौजूद बूंदों को सांस के जरिये अंदर लेते हैं. अगर आप वायरस वाली किसी चीज को छूते हैं और फिर अपने मुंह, नाक या आंखों को छूते हैं, तो भी आपको फ्लू हो सकता है.








