कोरबा– जिले में रेत चोरी की लगातार मिल रही शिकायतों पर जिला कलेक्टर अजीत वसंत ने सख्त रुख अपनाते हुए खनिज विभाग को बालको ब्लीचिंग प्लांट के पास रेत से भरे हाइवा की जांच करने के निर्देश दिए। पुख्ता सूचना मिलने के बाद खनिज विभाग की टीम मौके पर करीब ढाई घंटे देरी से पहुंची। जब तक टीम पहुंची, रेत तस्कर मौके से भागने में सफल हो गए। खनिज विभाग की टीम ने तस्करों के मौके पर नहीं होने का हवाला देकर जांच को समाप्त कर दिया।
मौके पर मौजूद हाइवा से लगातार पानी टपक रहा था, जो इस बात की गवाही दे रहा था कि रेत अवैध रूप से नदी से निकाली गई थी। उल्लेखनीय है कि 10 जून से 15 अक्टूबर तक नदी से रेत उत्खनन पर प्रतिबंध है, इसके बावजूद तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे पोकलेन मशीनों की मदद से रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन कर रहे हैं।
जांच के दौरान मौके पर कई हाइवा ट्रक भी मिले, जिनमें से कुछ के नंबर इस प्रकार हैं: CG10 BT 9031, CG 07 CF 3448, CG12 BH 9915, CG12 BE 9459, CG12 BJ 3700, और CG12 BJ 3701। सूत्रों के मुताबिक, इन हाइवा ट्रकों का संचालन बीएन साहू और मनीष देवांगन द्वारा किया जा रहा था।
हालांकि, खनिज विभाग की टीम की कार्यप्रणाली संदेहास्पद मानी जा रही है, जिससे रेत चोरी का प्रकरण दर्ज नहीं हो सका। कलेक्टर अजीत वसंत ने मामले में सजगता दिखाई है, जिससे आने वाले समय में रेत तस्करों पर सख्त कार्रवाई होने की संभावना है।
रेत तस्करी के इस अवैध व्यापार को लेकर अब जिला प्रशासन की ओर से कड़े कदम उठाए जाने की उम्मीद की जा रही है।







