कोरबा। नगर निगम प्रशासन जनता के हितों की रक्षा करने के बजाय अब व्यापारी की भूमिका में नजर आ रहा है। भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद निगम गरीबों की सुविधाओं पर भी व्यापारिक नजर डाल रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अप्पू गार्डन जिसे कभी गरीबों की जरूरत को ध्यान में रखकर बनाया गया था, अब निगम लीज पर चढ़ाने की तैयारी में है। यह फैसला आम जनता के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है।

गरीबों के मनोरंजन पर चला निगम का बुलडोजर

करीब तीन दशक पहले बनाए गए अप्पू गार्डन को शहरवासियों के लिए एक बेहतरीन मनोरंजन स्थल के रूप में विकसित किया गया था। यहां बच्चों के लिए झूले, गर्मियों में वेव पूल और लोगों के लिए सैर-सपाटे की सुविधाएं दी गई थीं। लेकिन अब निगम इसे लीज पर देकर मोटा मुनाफा कमाने की फिराक में है। इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह मनोरंजन स्थल अब महंगा सपना बन जाएगा।

इसी तरह, पूर्व में आशीर्वाद पॉइंट (पूर्व में पं. दीनदयाल भवन), जिसे गरीबों के सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए बेहद कम शुल्क (4800 से 5000 रुपये) में दिया जाता था, अब इसे भी पूर्व में लीज पर दिया जा चुका है।

गर्मी के मौसम में जहां लोग वेव पूल का मजा कम पैसों में ले सकते थे, अब उन्हें यह सुविधा मोटी रकम देकर खरीदनी होगी। वही अब यह सुविधा अब गरीबों की पहुंच से बाहर हो जाएगा। इससे स्पष्ट है कि निगम जनता के हित में नहीं बल्कि केवल पैसे कमाने की नीति पर काम कर रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या निगम अब केवल अमीरों के लिए सुविधाएं विकसित करेगा? गरीबों को मिलने वाली हर सुविधा को बंद या महंगा कर दिया जा रहा है। यदि यह फैसला लागू होता है तो कोरबा की जनता को मनोरंजन और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।