सक्ति। जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) बिलासपुर की टीम ने दो महीने के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए मंडल निरीक्षक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह घटना सक्ती जिले के जैजैपुर कार्यालय की है, जहां आदिवासी विकास विभाग के मंडल निरीक्षक संदीप खांडेकर को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।

क्या है पूरा मामला?

ग्राम कुटराबोड़ के निवासी राजेंद्र जांगड़े ने एंटी करप्शन ब्यूरो बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। उनके बेटे रवींद्र जांगड़े, जो बालक अनुसूचित जाति बालक आश्रम कुटराबोड़ में दैनिक वेतन भोगी चौकीदार और रसोइया के रूप में कार्यरत थे, को एक माह पूर्व छात्रावास में लगे इलेक्ट्रिक बोर्ड को तोड़ने की घटना के बाद हटा दिया गया था।

रवींद्र जांगड़े ने अपने पिता से कहा कि वे अधिकारियों से मिलकर पुनः काम पर रखने का निवेदन करें। इस पर राजेंद्र जांगड़े आदिवासी विकास विभाग के जैजैपुर कार्यालय में पदस्थ मंडल निरीक्षक संदीप खांडेकर से मिले। वहां मंडल निरीक्षक ने रवींद्र जांगड़े को पुनः सेवा में लेने के एवज में ₹1.5 लाख की रिश्वत की मांग की।

रिश्वत की मांग का हुआ सत्यापन

शिकायत के सत्यापन के दौरान, आरोपी ने पहले ही ₹50,000 की राशि प्राप्त कर ली थी और शेष ₹50,000 की दूसरी किश्त लेने के लिए सहमति जताई। इसके आधार पर एसीबी बिलासपुर टीम ने कार्यवाही की योजना बनाई।

रंगे हाथों गिरफ्तार

आज दिनांक 28 मार्च 2025 को एसीबी की टीम ने प्रार्थी राजेंद्र जांगड़े को रिश्वती रकम ₹50,000 के साथ आरोपी से मिलने भेजा। आरोपी ने प्रार्थी को कलेक्ट्रेट से लगे आदिवासी विकास विभाग कार्यालय में बुलाया और रकम को अपनी मारुति कार में रखने को कहा। जैसे ही रकम कार में रखी गई, एसीबी की टीम ने आरोपी संदीप खांडेकर को रंगे हाथों पकड़ लिया और रिश्वती रकम बरामद कर ली।