Thursday, October 22, 2026

सात हजार करोड़ रुपए का नुकसान धान सोसाइटी को : डॉ महंत

रायपुर, 16 अप्रैल। प्रदेश में आज से राज्य सरकार धान की नीलामी करने जा रही है, छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि, कंपनी विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर कुल 149 लाख टन धान की कीमत दी गई है।

भारत सरकार के द्वारा इस पूरे धान का चावल नहीं लेने के कारण 35 लाख टन धान की नीलामी राज्य सरकार के माध्यम से की जा रही है। इस सोसायटी से राज्य सरकार को लगभग 7 हजार करोड़ की क्षति होने का अनुमान है।

नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने कहा कि, धान उपार्जन की योजना के लिए समर्थन मूल्य भारत सरकार की योजना है और राज्य सरकार द्वारा केंद्र की सहायता से धान उपार्जन का कार्य किया जाता है। इसलिए केंद्र सरकार को संपूर्ण सरप्लस धान का चावल अनाज पूल में ले जाना चाहिए। पंजाब में इसी सीजन में कुल 172 लाख लाख टन धान का उपार्जन हुआ। और इस पूरे धान का चावल अनाज पूल में लिया जा रहा हैं

पंजाब में तो भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार भी नहीं है जबकि छ.ग. मे डबल इंजन सरकार के बाद भी हमारा पुरा सरप्लस धान के खनन पूल में नहीं लिया गया और 7 हजार करोड़ की क्षति का सामान्य आर्थिक भार राज्य के दृढ़ संकल्प पर आधारित है।