Monday, June 29, 2026

नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता, सुरक्षा बलों ने आईईडी विस्फोटक डंप किया निष्क्रिय

CG BREAKING: नक्सलियों ने जमीन पर दफनाया था IED बम, सुरक्षाबलों ने किया निष्क्रियदंतेवाड़ा। जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा के बारसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गुफा के दुर्गम एवं जंगली पहाड़ी इलाके में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त सुरक्षा बलों ने माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए आईईडी विस्फोटक डंप को बरामद कर सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में किसी बड़े नक्सली हमले की साजिश को समय रहते विफल कर दिया गया।

यह संयुक्त अभियान Young Platoon/195 वाहिनी सीआरपीएफ, सीआरपीएफ की बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) तथा थाना बारसूर पुलिस द्वारा अंजाम दिया गया। कार्रवाई पोलसेंट सीजी सेक्टर, सीआरपीएफ से प्राप्त सटीक और विश्वसनीय खुफिया सूचना के आधार पर की गई थी, जिसमें ग्राम गुफा के वन क्षेत्र में माओवादियों द्वारा आईईडी लगाए जाने की जानकारी मिली थी।

सुनियोजित रणनीति के साथ चला डी-माइनिंग अभियान

पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा श्री गौरव राय के दिशा-निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आर.के. बर्मन के मार्गदर्शन में जिले में लगातार नक्सल विरोधी गश्त और सर्च ऑपरेशन संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 22 जनवरी 2026 को ग्राम गुफा क्षेत्र में आईईडी छिपाए जाने की सूचना मिली थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए 27 जनवरी 2026 को सुबह करीब 6 बजे से ग्राम गुफा एवं आसपास के पहाड़ी वन क्षेत्र में व्यापक डी-माइनिंग अभियान शुरू किया गया।

संयुक्त सर्च ऑपरेशन में सहायक कमांडेंट हिमांशु के नेतृत्व में Young Platoon/195 बटालियन, सीआरपीएफ की बम डिस्पोजल टीम तथा थाना बारसूर की सिविल पुलिस शामिल रही। अभियान का समग्र नेतृत्व अनिल कुमार सिंह, कमांडेंट, 195 बटालियन द्वारा किया गया।

भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद

सघन तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों ने माओवादियों द्वारा रणनीतिक रूप से छिपाकर रखे गए विस्फोटक डंप को चिन्हित किया। मौके से

  • एक डायरेक्शनल पाइप बम (डेटोनेटर सहित, वजन लगभग 5 किलोग्राम)

  • एक प्रेशर कुकर आईईडी लगभग 15 मीटर वायर के साथ (वजन लगभग 5 किलोग्राम)
    बरामद किया गया।

प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ कि इन विस्फोटकों का उपयोग सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने अथवा गश्त कर रहे जवानों को निशाना बनाने के उद्देश्य से किया जाना था। बरामद समस्त विस्फोटक सामग्री को सीआरपीएफ की BDDS टीम द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत मौके पर ही सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया गया।