रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC) घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूरक चालान पेश किया है। इस मामले में रिकॉर्डर्स एंड मेडिकेयर सिस्टम्स के डायरेक्टर अभिषेक कौशल, श्री शारदा इंडस्ट्रीज के प्रोप्राइटर राकेश जैन, लाइजनर प्रिंस जैन और डायसिस इंडिया के मार्केटिंग हेड कुंजल शर्मा के खिलाफ चालान दाखिल किया गया है।
टेंडर प्रक्रिया में मिलीभगत उजागर
जांच में सामने आया है कि ‘हमर लैब’ योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में मेडिकल उपकरण और जांच सामग्री (रिएजेंट्स) की खरीद प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी की गई। तीन कंपनियों ने आपस में सांठगांठ कर फर्जी दस्तावेजों के जरिए टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित किया और प्रतिस्पर्धा को सीमित कर दिया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, कंपनियों ने अपनी योग्यता साबित करने के लिए गलत जानकारी दी और टेंडर में एक जैसे उत्पाद, पैक साइज और दरें भरकर पूरे सिस्टम को प्रभावित किया। यहां तक कि जिन उत्पादों का स्पष्ट उल्लेख नहीं था, उन्हें भी समान तरीके से प्रस्तुत किया गया।
MRP से कई गुना बढ़ाकर दिखाई कीमतें
मामले में यह भी सामने आया है कि मेडिकल सामग्री और रिएजेंट्स की कीमतें वास्तविक MRP से कई गुना अधिक दिखाकर CGMSC को भेजी गईं। इसके चलते टेंडर में उच्च दरें स्वीकृत हो गईं और शासन को करीब 550 करोड़ रुपए का भारी नुकसान हुआ।
विशेष रूप से कुंजल शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने षड्यंत्रपूर्वक कीमतें बढ़ाकर प्रस्तुत कीं, जिससे आर्थिक नुकसान और बढ़ गया।
10 आरोपियों पर चालान, जांच जारी
अब तक इस मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया जा चुका है। ACB ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।









