कोरबा, 3 जून।** पाली थाना क्षेत्र के ग्राम चोरकाडांड में शनिवार शाम आए आंधी-तूफान और तेज बारिश के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में एक युवक और दो किशोरों की मौत के मामले में नया खुलासा सामने आया है। प्रारंभिक जानकारी में बताया गया था कि तीनों बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े थे, तभी पेड़ की भारी डाल टूटकर उन पर गिर गई। हालांकि घटनास्थल के निरीक्षण और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मीडिया के मौके पर पहुंचने पर पता चला कि किसी पेड़ की डाल नहीं टूटी थी, बल्कि एक विशाल धौरा वृक्ष जड़ समेत उखड़कर गिरा था। ग्रामीणों, मृतक दिनेश तिर्की के परिजनों तथा निर्माण कार्य में लगी महिलाओं के अनुसार घटनास्थल पर वन समिति के माध्यम से सूअर पालन के लिए कोठा निर्माण का कार्य चल रहा था। मृतक दिनेश तिर्की और कमलेश बड़ा समेत अन्य लोग निर्माण कार्य में जुटे हुए थे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आंधी-तूफान के दौरान धौरा वृक्ष से अचानक तेज आवाज आई और कुछ ही क्षणों में वह निर्माण स्थल पर गिर पड़ा। पेड़ के नीचे कार्य कर रहे युवक और किशोर उसकी चपेट में आ गए। हादसे में एक महिला भी घायल हुई, जिसके सिर और हाथ में हल्की चोटें आई हैं। महिला के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया गया।
इस हादसे में एक युवक और दो किशोरों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।
### साधनों के अभाव में राहत कार्य प्रभावित
ग्रामीणों के अनुसार दुर्घटना स्थल जंगल क्षेत्र में होने के कारण तत्काल वाहन की व्यवस्था नहीं हो सकी। इसके चलते घायलों और मृतकों को अस्पताल पहुंचाने में करीब ढाई घंटे का विलंब हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर परिवहन सुविधा उपलब्ध होती तो राहत एवं बचाव कार्य और तेजी से किया जा सकता था।
घटना के बाद प्रशासन और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। वहीं, हादसे की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं, जिनकी जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।








