कोरबा। जिले के जंगलों में हाथियों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। करतला वनमंडल के केंदई रेंज में विचरण कर रहा करीब 10 हाथियों का दल बीती रात आगे बढ़ते हुए मड़ई और कठमोरगा के आसपास से होते हुए एतमानगर रेंज के रिंगनिया सर्किल पहुंच गया। हाथियों के गांवों के करीब पहुंचने के बाद वन विभाग सतर्क हो गया है और ग्रामीणों को सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
रास्ते में आधा दर्जन किसानों की धान की फसल रौंदी
जानकारी के अनुसार, रिंगनिया सर्किल पहुंचने से पहले हाथियों के दल ने रास्ते में करीब आधा दर्जन ग्रामीणों की धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। हाथियों द्वारा फसल रौंदे जाने की सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी है।
सूचना मिलने के बाद वन अमला नुकसान का आकलन करने की तैयारी में जुट गया है। प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने के लिए नुकसान का आंकलन किया जाएगा।
एक सप्ताह तक केंदई रेंज में रहा हाथियों का दल
बताया जा रहा है कि हाथियों का यही दल इससे पहले एतमानगर रेंज में सक्रिय था। इसके बाद हाथियों ने अपना रुख केंदई रेंज की ओर कर लिया था। करीब एक सप्ताह तक केंदई रेंज में विचरण करने के बाद दल दोबारा एतमानगर क्षेत्र की ओर लौट आया है।
वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है।
लालपुर में लोनर हाथी की भी मौजूदगी
उधर, केंदई रेंज के लालपुर सर्किल में एक लोनर हाथी अभी भी विचरण कर रहा है। वन विभाग की टीम उसकी गतिविधियों की निगरानी कर रही है। ग्रामीणों को अकेले जंगल की ओर नहीं जाने और हाथी के करीब पहुंचने से बचने की सलाह दी गई है।
पसान रेंज में करीब 40 हाथी सक्रिय
वहीं, कटघोरा वनमंडल के पसान रेंज में करीब 40 हाथियों का दल अलग-अलग स्थानों पर विचरण कर रहा है। फिलहाल हाथियों ने यहां कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचाया है, लेकिन वन विभाग किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सतर्क है।
वन अमला हाथियों की लगातार निगरानी कर रहा है और गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सावधान किया जा रहा है। विभाग ने लोगों से हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर उनके करीब नहीं जाने और वन विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।











