कोरबा: बिलासपुर कटघोरा राष्ट्रीय राज्य मार्ग क्रमांक 130 के निर्माण में अधिग्रहित की गई किसानों की जमीनों में धांधली की शिकायतें हमेशा आती रही हैं ऐसा ही एक मामला आज कोरबा कलेक्ट्रेट मैं आया जहां कलेक्टर को शिकायत करने आए किसान ने कटघोरा अनुविभागीय अधिकारी श्री तेंदुलकर उसके लिपिक मनोज गोभिल पर 8 लाख की रिश्वत एवं 23लाख रू के मुआवजे की राशि में हेराफेरी करने के आरोप लगाए हैं
शिकायतकर्ता किसान बाबूलाल एवं मुचूराम ने बताया कि उनकी एनएच में अधिग्रहित की गई कुल जमीन का लगभग 46लाख रुपए मुआवजा निर्धारित हुआ था जिसमें से पहली किस्त 22 लाख ₹76हजार 623 में से भू अर्जन अधिकारी कटघोरा द्वारा ₹8 लाख की रिश्वत मांगी गई जिसके बाद ही मुआवजे की दूसरी राशि किस्त में डालने की बात कही गई मुआवजा मिलने के डर से डरे शिकायतकर्ता किसान ने पहली किस्त मैं से ₹4लाख रुपए भू अर्जन अधिकारी के सामने दिलीप नाम के सुरक्षा गार्ड को किसान द्वारा दिया गया पूरी राशि नहीं मिलने से नाराज भू अर्जन के अधिकारियों ने दूसरी किस्त के लिए दोबारा से किसानों से दस्तावेज मंगाए और दस्तावेज मिलने के बाद भी अनुविभागीय अधिकारी श्री तेंदुलकर एवं भू अर्जन कार्यालय में पदस्थ लेखापाल मनोज गोभिल द्वारा शेष राशि 23 लाख 26 हजार 562 रु की हेरा फेरी किया गया है
आरोप है कि एसडीएम एवं एवं लिपिक द्वारा हेराफेरी करते हुए मूल किसान को मिलने वाले मुआवजे की राशि को अनाधिकृत व्यक्ति बुधराम पिता शंभू राम नामक व्यक्ति के खाते में शेष राशि डालकर मुआवजे की रकम में गड़बड़ी की गई है शिकायतकर्ता ने कोरबा कलेक्टर संजीव झा को ज्ञापन सौंपते हुए अधिकारियों को दंडित करने एवं न्याय की गुहार लगाते हुए कार्यवाही की मांग की है
जानकारों की मानें तो पिछले 15-20 सालों से कटघोरा में लिपिक के रूप में कार्यरत मनोज गोविल के ऊपर अनेकों भ्रष्टाचार की शिकायतें रही हैं आय से अधिक संपत्ति बनाकर रखने वाले मनोज गोभिल ने एनएच मामले में जमकर भ्रष्टाचार करते हुए कमाई की है और जब शिकायतों का दौर जारी रहा तो मनोज गोविल ने अपना ट्रांसफर अजगर बाहर करा लिया लेकिन अभी भी कटघोरा एसडीएम कार्यालय में उनका दखल देखने को मिलता है
मामले में जब संबंधित अधिकारी कटघोरा एसडीएम श्री तेंदुलकर से होने पर उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया







