Saturday, May 2, 2026

कोरबा में डीएमएफ घोटाला: केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को कार्रवाई के दिए निर्देश

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में जिला खनिज न्यास निधि (DMF) के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के आरोपों पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। पूर्व गृह मंत्री ननकी राम कंवर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों के आधार पर खनन मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ सरकार को माइनिंग एंड मिनरल्स डेवलपमेंट रेगुलेशन (MMDR) एक्ट 1957 के तहत आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

केंद्र सरकार की पैनी नजर

खनन मंत्रालय ने 10 मार्च 2025 को जारी एक आधिकारिक पत्र में यह स्पष्ट किया कि पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर ने 24 दिसंबर 2024 को दो प्रमुख शिकायतें दर्ज कराई थीं। इन शिकायतों में डीएमएफ फंड में भ्रष्टाचार, खनन अनियमितताओं और नियमों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए गए थे। केंद्र सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ सरकार को उचित जांच और कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

डीएमएफ फंड में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं

कोरबा जिले में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए बनाए गए डीएमएफ फंड का दुरुपयोग किए जाने के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। आरोप है कि इस फंड का उपयोग प्रभावित लोगों के कल्याण के बजाय निजी स्वार्थों के लिए किया गया है। ननकी राम कंवर का दावा है कि फंड से बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी और बंदरबांट हुई है, जिससे क्षेत्र के विकास कार्य अधूरे पड़े हैं।

मोदी सरकार का सख्त रुख

पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे हैं। उनकी शिकायतों को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है और पहले भी कई मामलों में कार्रवाई हुई है। अब एक बार फिर केंद्र सरकार ने उनकी शिकायतों पर संज्ञान लिया है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि खनन और डीएमएफ फंड घोटालों की गहराई से जांच हो सकती है।

80 करोड़ की परियोजना संदेह के घेरे में

कोरबा में डीएमएफ फंड से 80 करोड़ रुपये की लागत से एक अंडरब्रिज बनाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि यह परियोजना गैर-जरूरी है क्योंकि रेलवे प्रशासन पहले ही एक नई रेलवे लाइन बना रहा है, जिससे ट्रेनों की आवाजाही इस मार्ग से कम हो जाएगी। ऐसे में अंडरब्रिज बनाने की जरूरत नहीं होगी और यह परियोजना केवल धन के दुरुपयोग के लिए लाई गई है।

जल्द हो सकती है कार्रवाई

खनन मंत्रालय के पत्र के बाद छत्तीसगढ़ सरकार पर दबाव बढ़ गया है। यदि राज्य सरकार उचित कार्रवाई नहीं करती है, तो केंद्र सरकार सीधे हस्तक्षेप कर सकती है।