कोरबा। ग्राम तरदा के पास भारतमाला सड़क पर इन दिनों “देसी जुगाड़ एक्सप्रेस वे” चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां कुछ महानुभावों ने हाईवे की रेलिंग काटकर ऐसा शॉर्टकट तैयार कर दिया है, जिसे देखकर गूगल मैप भी शर्मा जाए। लेकिन यह शॉर्टकट अब लोगों के लिए “सीधा ऊपर भेजने वाला रास्ता” साबित होता नजर आ रहा है।
हाल ही में एक कार चालक ने सोचा कि चलो शॉर्टकट से टाइम बचा लेते हैं। लेकिन जैसे ही गाड़ी नीचे उतरी, कार ने खुद ही फैसला कर लिया कि “अब आगे नहीं भाई!” और पलटने की मुद्रा में आ गई। हालत इतनी खराब हो गई कि आखिरकार बांस और बल्ली के सहारे उसे ऐसे खड़ा किया गया, जैसे गांव में पुरानी दीवार को टेक लगाकर बचाया जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस कटिंग पॉइंट से अब 18 चक्का ट्रेलर भी गांव की ओर उतर रहे हैं। यानी जहां पहले सिर्फ बाइक और लोग निकलते थे, अब वहां “मिनी बंदरगाह” जैसा नजारा है। चर्चा तो यहां तक है कि नीचे उतरने वाले वाहनों से बाकायदा “एंट्री फीस” भी ली जा रही है। हालांकि यह फीस सरकारी है या “लोकल टैलेंट टैक्स”, यह अब तक साफ नहीं हो पाया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में यहां बोर्ड लगाना पड़ेगा —
“भारत माला में आपका स्वागत है, अपनी जान की जिम्मेदारी स्वयं लें।”
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर हाईवे की रेलिंग काटकर यह देसी टोल प्लाजा किसके संरक्षण में चल रहा है और जिम्मेदार विभाग अभी तक नींद से बाहर क्यों नहीं आया है।








