कोरबा। बालकोनगर थाना क्षेत्र में नाबालिग के साथ दुष्कर्म और गंभीर मारपीट के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए अलग-अलग धाराओं में 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया गया है। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुनील मिश्रा ने पैरवी की।
रात में घर में घुसकर नाबालिग पर किया हमला
मामला 10 अगस्त 2025 की रात का बताया गया है। अभियोजन के अनुसार, पीड़िता अपने माता-पिता और भाई के साथ घर में सो रही थी। रात करीब 3 से 4 बजे आरोपी जगदीश साहनी वहां पहुंचा और नाबालिग के साथ मारपीट करते हुए उसका गला दबाने की कोशिश की।
मारपीट के कारण पीड़िता बेहोश हो गई। होश आने पर उसने खुद को घर के पीछे स्थित डेम के पास पाया, जहां आरोपी उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था।
विरोध करने पर फिर की मारपीट
पीड़िता ने आरोपी का विरोध करते हुए शोर मचाया तो आरोपी ने उसका मुंह दबा दिया और चेहरे पर मारपीट की। इससे उसकी बाईं आंख और कान में चोट आई। पीड़िता ने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने उसे पकड़कर जमीन पर घसीटा, जिससे उसके दोनों पैरों में भी चोटें आईं।
अभियोजन के मुताबिक, सुबह होने पर आरोपी पीड़िता को मृत समझकर वहां से फरार हो गया। इसके बाद पीड़िता किसी तरह घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।
पुलिस ने दर्ज किया था मामला
पीड़िता की शिकायत पर बालकोनगर थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 506/2025 दर्ज किया। मामले में BNS की विभिन्न धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच की गई। जांच के बाद आरोपी जगदीश साहनी को गिरफ्तार किया गया और मामला अदालत में पेश किया गया।
अदालत ने सुनाई 5-5 साल की सजा
लंबी सुनवाई के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्टट्रैक सीमा प्रताप चंद्रा की अदालत ने आरोपी को संबंधित धाराओं में दोषी ठहराते हुए 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड से दंडित किया।
अर्थदंड नहीं चुकाने की स्थिति में प्रत्येक धारा में 5-5 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अदालत के आदेश के अनुसार सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।











