कोरबा, 22 दिसंबर। छत्तीसगढ़ में एसईसीएल के कुसमुंडा, गेवरा, दीपका और कोरबा खदानों से प्रभावित भू-विस्थापित किसानों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आवाज बुलंद कर दी है। रोजगार, बसावट, खमहरिया की जमीन लौटाने और प्रभावित गांवों में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर किसान 23 दिसंबर को बिलासपुर स्थित एसईसीएल सीएमडी कार्यालय के सामने अर्धनग्न प्रदर्शन और घेराव करेंगे।
किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने कहा:
भू-विस्थापित किसानों की मांगों को सरकार और प्रबंधन लंबे समय से अनदेखा कर रहे हैं। विकास के नाम पर अपनी जमीन और गांव से बेदखल किए गए किसानों का जीवन स्तर सुधरने के बजाय और बदतर हो गया है। रोजगार और पुनर्वास के वादे अधूरे हैं।