Sunday, September 6, 2026

Korba News: पुलिस की बिना बीमा मिनी बस से हादसा, 2 युवकों की मौत; मुआवजा नहीं देने पर DGP-SP कार्यालय की संपत्ति कुर्क करने का आदेश

कोरबा। Korba News: छत्तीसगढ़ में वीवीआईपी ड्यूटी में तैनात पुलिस विभाग की मिनी बस से हुए सड़क हादसे में दो युवकों की मौत के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। 43 लाख 14 हजार 200 रुपये की मुआवजा राशि का भुगतान नहीं होने पर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, कोरबा ने पुलिस महानिदेशक (DGP) और कोरबा पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय की संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया है।

मामला वर्ष 2023 में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे से जुड़ा है। अदालत ने मृतकों के आश्रितों को मुआवजा देने का आदेश दिया था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी राशि का भुगतान नहीं किया गया।

2023 में बाइक सवार दो युवकों की हुई थी मौत

घटना 27 सितंबर 2023 की शाम करीब साढ़े छह बजे रायगढ़ जिले के खरसिया थाना क्षेत्र में हुई थी। पिपरिया-परपोड़ी मुख्य मार्ग पर पुलिस विभाग की मिनी बस ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी थी।

हादसे में जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम हेडसपुर निवासी बैजनाथ कंवर और रवि यादव की मौत हो गई थी। बैजनाथ कंवर की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल रवि यादव ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।

अदालत ने चालक की लापरवाही को माना जिम्मेदार

हादसे के बाद मृतकों के परिवारों ने आर्थिक सहायता के लिए कोरबा मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में अलग-अलग दावा प्रकरण दायर किए थे।

प्रथम अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की पीठासीन अधिकारी गरिमा शर्मा ने 14 जनवरी 2026 को दोनों मामलों में फैसला सुनाया। न्यायालय ने दुर्घटना के लिए मिनी बस चालक की लापरवाही को जिम्मेदार माना।

अदालत के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त मिनी बस पुलिस महानिदेशक, छत्तीसगढ़ के नाम पर पंजीकृत थी और दुर्घटना के समय वाहन की बीमा अवधि समाप्त हो चुकी थी।

दोनों परिवारों को कितना मुआवजा मिला?

अधिकरण ने बैजनाथ कंवर के आश्रितों को 26 लाख 9 हजार 200 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था। वहीं रवि यादव के आश्रितों के लिए 17 लाख 5 हजार रुपये की राशि निर्धारित की गई।

इस तरह दोनों मामलों में कुल 43 लाख 14 हजार 200 रुपये मुआवजा तय हुआ। इसके अलावा इस राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का भी आदेश दिया गया था।

एक महीने में भुगतान का था आदेश

न्यायालय ने निर्देश दिया था कि निर्धारित मुआवजा राशि एक महीने के भीतर पीड़ित परिवारों को उपलब्ध कराई जाए। लेकिन आदेश के बावजूद पांच महीने से अधिक समय बीत गया और परिजनों को मुआवजे की राशि नहीं मिल सकी।

इसके बाद मृतकों के परिवारों की ओर से अधिवक्ताओं ने मुआवजा राशि की वसूली के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू की। इसी मामले में अदालत ने अब सख्त कदम उठाते हुए DGP और SP कार्यालय की संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया है।

वीवीआईपी ड्यूटी में लगी थी मिनी बस

जानकारी के मुताबिक हादसे के समय बैजनाथ कंवर बाइक चला रहे थे और रवि यादव उनके पीछे बैठे थे। इसी दौरान वीवीआईपी प्रबंधन ड्यूटी में लगी पुलिस विभाग की मिनी बस ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।

टक्कर के बाद दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में बैजनाथ कंवर की मौके पर मौत हो गई, जबकि रवि यादव ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

हादसे के बाद परिवारों पर टूटा आर्थिक संकट

बैजनाथ कंवर के मामले में उनकी पत्नी सुजाता कंवर, माता-पिता और दो नाबालिग बच्चों ने मुआवजे के लिए दावा किया था। वहीं रवि यादव के परिवार की ओर से उनकी पत्नी जुगमणी और दो नाबालिग बच्चों ने न्यायालय में दावा पेश किया था।

अदालत के कुर्की आदेश के बाद अब पुलिस विभाग के सामने मुआवजा राशि और उस पर देय ब्याज का भुगतान करने की चुनौती है।

सरकारी वाहनों के बीमा पर भी उठे सवाल

इस मामले ने सरकारी वाहनों की बीमा स्थिति और विभागीय जवाबदेही को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हादसे में दो लोगों की जान जाने के बाद मुआवजा भुगतान में हुई देरी ने पीड़ित परिवारों की मुश्किलें और बढ़ा दीं।

अब देखना होगा कि अदालत के कुर्की आदेश के बाद मुआवजा राशि का भुगतान कब तक किया जाता है और पीड़ित परिवारों को उनकी पूरी राशि कब मिल पाती है।