रायपुर में एक शख्स अपने पालतु तोते के गम में परेशान हुआ। करीब एक हफ्ते तक वो जगह-जगह तोता ढूंढता रहा। मोहल्ले में सभी घरों में पूछताछ की। तोता, जिसे वाे अपना दोस्त मानते थे उसके जाने से उदास थे। तोता इनके दिल के इतने करीब था कि इन्होंने इसे ढूंढकर देने वाले को 11 हजार रुपए का इनाम तक देने का एलान कर दिया था। मामला शहर के विवि विहार कॉलोनी का है।
विवि विहार कॉलोनी में अपने परिवार के साथ घनश्याम विश्वकर्मा रहते हैं। 6 नवंबर को इनका पालतू तोता उड़कर कहीं चला गया। दिन भर ये तोते का इंतजार करते रहे। तोता नहीं आया तो अखबार में इश्तहार छपवाकर 11 हजार रुपए के इनाम देने की घोषणा की। इसके बाद इनके नंबर पर लोगों ने खूब सारे फोन कॉल किए, तोतों की तस्वीरें भेजीें। मगर कोई भी इनके तोते के बारे में नहीं बता सका था।
घनश्याम मोटर मैकनिक इंजीनियर हैं। घनश्याम विश्वकर्मा ने बताया कि वो तोते को फाफाडीह के बाज़ार से तब लेकर आए थे जब उनके बच्चे बेहद छोटे थे। बच्चों ने जिद की थी कि उन्हें खिलौना चाहिए। बच्चों की जिद के बाद उन्होंने सोचा कि वे बच्चों को कृत्रिम खिलौना नहीं देंगे। इसके लिए वे तोता ले आए और उसे पूरे घर पर विचरण करने के लिए खुला छोड़ दिया। तोता बहुत जल्द ही परिवार के सभी सदस्यों से घुल-मिल गया। बच्चों के साथ ही तोता बढ़ा हुआ इस तोते की उम्र करीब 18 साल है।
घरवालों को नाम से पुकारता है
घनश्याम के ताेते की खास बात यह थी कि वह घर के सभी सदस्यों को उसके नाम से जानता था और पुकार लगाता था। इतना ही नहीं वह सबको सही समय पर भोजन करने की हिदायत देता था। खुद डायनिंग टेबल पर बैठकर इसकी निगरानी भी करता था। तो बिट्ट, मम्मी, मय्यु बोलता है। इस तोते का नाम मिम्मु है।










