रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा SARTHAK-PDS फेज-2 योजना को मंजूरी दिए जाने का स्वागत किया है। केंद्र सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 25,530 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने इसे खाद्य सुरक्षा, पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
आधुनिक तकनीकों से जुड़ेगी सार्वजनिक वितरण प्रणाली
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई योजना के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को अत्याधुनिक तकनीकों से जोड़ा जाएगा। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), GPS ट्रैकिंग, QR कोड टैगिंग, रियल टाइम मॉनिटरिंग और डिजिटल सप्लाई चेन जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी।उन्होंने कहा कि इन तकनीकों के इस्तेमाल से राशन वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनेगी।
हितग्राहियों को समय पर मिलेगा राशन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर पात्र हितग्राही तक सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी गड़बड़ी के पहुंचे।उन्होंने कहा कि नई तकनीकी व्यवस्था से राशन की निगरानी आसान होगी और पात्र लोगों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर भी अंकुश लगेगा।
राशन दुकानदारों को भी मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के माध्यम से राज्यों को राशन परिवहन, हैंडलिंग और उचित मूल्य दुकानों के संचालन में आने वाली बढ़ती लागत के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।इसके अलावा राशन दुकानदारों के पारिश्रमिक में वृद्धि का भी प्रावधान किया गया है, जिससे उचित मूल्य दुकानों के संचालन को और बेहतर बनाया जा सकेगा।
2031 तक लागू रहेगी योजना
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि 31 मार्च 2031 तक लागू रहने वाली यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के करोड़ों लाभार्थियों को सीधा फायदा पहुंचाएगी।उन्होंने कहा कि AI, मशीन लर्निंग और ब्लॉकचेन जैसी तकनीकों के उपयोग से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में जनता का भरोसा और मजबूत होगा।
प्रधानमंत्री का जताया आभार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना गरीबों के जीवन में सुविधा, पारदर्शिता और सुशासन को नई मजबूती प्रदान करेगी।उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर गरीबों के हित में योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं।









